टीआरपी डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर को ओडिशा के झारसुगुड़ा में आयोजित समारोह के दौरान देशभर के 8 आईआईटी की अधोसंरचना विकास परियोजनाओं का वर्चुअल शिलान्यास किया। इनमें छत्तीसगढ़ के आईआईटी भिलाई की फेस-2 परियोजना भी शामिल है।

कार्यक्रम का सीधा प्रसारण आईआईटी भिलाई परिसर में किया गया, जहां प्रदेश के कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा मौजूद रहे। मंत्री ने इसे राज्य और देश के लिए गौरव का क्षण बताते हुए कहा कि इससे तकनीकी शिक्षा और नवाचार को नई गति मिलेगी।

फेस-2 में होगा बड़ा विस्तार

केंद्र ने फेस-2 निर्माण के लिए 2,257.55 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं, जिनमें से 1,092 करोड़ परिसर निर्माण पर खर्च होंगे। इस चरण में 1,51,343 वर्ग मीटर अतिरिक्त क्षेत्र विकसित होगा।

  • छात्रों की संख्या 1,500 से बढ़कर 3,000 होगी।
  • नए इंजीनियरिंग व विज्ञान विभाग, आधुनिक प्रयोगशालाएं और ICT सक्षम व्याख्यान कक्ष बनेंगे।
  • छात्रावास, खेल परिसर, ओपन एयर थिएटर, स्वास्थ्य केंद्र और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाएं जोड़ी जाएंगी।
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राज्य का पहला अनुसंधान पार्क

परियोजना के तहत 96 करोड़ रुपये की लागत से रिसर्च पार्क बनाया जाएगा, जो छत्तीसगढ़ का पहला होगा। इसका मकसद अकादमिक-इंडस्ट्री सहयोग को बढ़ावा देना और तकनीकी विकास के लिए मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना है। इस पूरे फेस-2 प्रोजेक्ट को अक्टूबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

बता दें कि आईआईटी भिलाई की स्थापना 2016 में हुई थी। पहले चरण में 1,34,450 वर्ग मीटर क्षेत्र विकसित हुआ और इसे 20 फरवरी 2024 को प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को समर्पित किया। परिसर स्मार्ट बिल्डिंग सिस्टम, वाई-फाई और पर्यावरण अनुकूल डिज़ाइन से सुसज्जित है। मास्टर प्लान प्राकृतिक संसाधनों और पेड़ों को संरक्षित रखते हुए बनाया गया है।