टीआरपी। Smart classes and Computers : राज्य के स्कूलों में 9 हजार स्मार्ट क्लास और 22 हजार कंप्यूटर लगाए जाएंगे। स्मार्ट क्लास के माध्यम से विद्यार्थी डिजिटल कंटेंट, ई-लर्निंग मॉड्यूल, वीडियो लेक्चर और इंटरैक्टिव पढ़ाई का अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। इससे कठिन विषयों को सरल और रोचक तरीके से समझना आसान होगा। वहीं 22 हजार कंप्यूटरों की उपलब्धता से विद्यार्थियों को कंप्यूटर शिक्षा, इंटरनेट से जुड़ाव और डिजिटल स्किल विकसित करने का अवसर मिलेगा।
यह घोषणा स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। साथ ही कहा है कि शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ना समय की आवश्यकता है और सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठा रही है। राजधानी रायपुर स्थित जे. आर. दानी शासकीय कन्या उत्कृष्ट हिंदी माध्यमिक विद्यालय में 25वीं राज्य स्तरीय शाला क्रीड़ा प्रतियोगिता के समापन पर स्कूल शिक्षा मंत्री यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
प्रतियोगी परीक्षाओं में मदद
स्मार्ट क्लास और कंप्यूटर से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे जेईई, नीट और अन्य राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिलेगी। ऑनलाइन टेस्ट, प्रश्नपत्र और अध्ययन सामग्री आसानी से उपलब्ध होगी, जिससे उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी। यह पहल राज्य को डिजिटल एजुकेशन के क्षेत्र में नई ऊँचाई पर ले जाएगी। आने वाले समय में विद्यार्थी न केवल पढ़ाई में बल्कि तकनीक, नवाचार और कौशल विकास में भी आगे बढ़ पाएंगे। यह कदम राज्य के शिक्षा तंत्र को आधुनिक बनाने और विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
चार दिवसीय आयोजन में खेलों का रोमांच
प्रतियोगिता का आयोजन 27 सितम्बर से 30 सितम्बर तक किया गया। राज्य के सभी संभागों के विभिन्न जोनों से आए खिलाड़ियों ने हॉकी, फुटबॉल, बास्केटबॉल, सॉफ्ट टेनिस, रोलर स्केटिंग और साइक्लिंग जैसे खेलों में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
हारने वाले निराश न हो, जीतने वाले अहंकार से दूर रहें
समारोह को संबोधित करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री यादव ने कहा कि जीवन स्वयं एक खेल है जिसमें जीत और हार दोनों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हारने वाले खिलाड़ी को कभी निराश नहीं होना चाहिए और जीतने वाले को अहंकार से दूर रहना चाहिए। मंत्री ने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी समान रुचि रखनी चाहिए, क्योंकि खेल हमें जीवन जीने का उत्साह और अनुशासन सिखाते हैं।
खेल और शिक्षा का गहरा रिश्ता
कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक स्वरूप तभी पूर्ण होता है जब उसमें खेल, कला और संस्कृति का समावेश हो। उन्होंने कहा कि खेल विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, परिश्रम और सामूहिकता की भावना विकसित करते हैं।
संस्कारों के बल पर कठिनाई का सामना
विधायक सुनील सोनी ने कहा कि संस्कारवान विद्यार्थी ही आदर्श नागरिक बन सकते हैं और संस्कारों के बल पर ही जीवन की कठिनाइयों का सामना संभव है। कलेक्टर गौरव सिंह ने परीक्षा परिणाम बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी और विद्यार्थियों को उनमें सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। समारोह में विधायक मोतीलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, विद्यालय परिवार तथा राज्यभर से आए विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।



