टीआरपी डेस्क। जेम पोर्टल लगातार विवादों में रहा है। जेम पोर्टल से सरकारी खरीदी की जाती है। जहाँ कभी ₹ 300 की पानी की बोतल को ₹ 1400 में, ₹1 लाख की टीवी को ₹ 10 लाख में, ₹200 का जग ₹32 हजार में तो कभी ₹ 50 हजार की रोटी मेकर मशीन को ₹ 8 लाख में ख़रीदा गया। टीआरपी (द रुरल पोस्ट) लगातार जेम में हो रहे अनियमितताओं को उजागर करता रहा है। पिछले ही अंक (16-30 सितंबर) में जेम पोर्टल के जरिए रोटी मेकर मशीन की खरीदी में हुई अनियमितताओं को उजागर करते हुए खबर प्रकाशित की गई थी। जेम पोर्टल से 15 अलग-अलग सरकारी विभागों ने अलग-अलग दामों पर यह मशीन खरीदी। किसी ने 35 हजार से कम में तो किसी ने इसी मशीन को 8 लाख तक में खरीदा।

खबर के प्रकाशन के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अब एक्शन मोड में नजर आ रहे है। उन्होंने बुधवार को विभागीय सचिवों और विभागाध्यक्षों के साथ मैराथन बैठकें की। जिसमें उन्होंने विभागवार विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इसा दौरान उन्होंने कहा कि जेम पोर्टल से हो रही खरीदी को लेकर लगातार शिकायतें आ रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जेम से होने वाली शासकीय खरीदी में अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
मंत्री ने दिए जांच के निर्देश
आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने जेम पोर्टल से सामग्री खरीदी के संबंध में शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए 18 सितंबर को प्रमुख सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग को 7 दिवस के भीतर जांच कर वस्तुस्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए थे। लेकिन अभी तक इस मामले में जांच रिपोर्ट पेश नहीं किया गया है। हालांकि विभाग से यह जानकारी मिली कि इसी सप्ताह जांच रिपोर्ट सामने आएगी।
सुधार की संजीदा कोशिश
टीआरपी ने अपने पिछले कई अंक में एक के बाद एक जेम पोर्टल को लेकर कई खुलासे किए। यही वजह है कि उद्योग विभाग ने संजीदगी के साथ इसमें कई सुधार किए। ये सुधार वाकई में इस प्लेटफॉर्म को और बेहतर बनाते हैं। जेम पोर्टल को ज्यादा पारदर्शी बना दिया गया है। लेकिन सुधारों के बाद भी सुधार इसलिए नजर नहीं आ रहा, क्योंकि पिछली गड़बड़ियां लगातार सामने आती रही है।



