टीआरपी। Mahanadi and Indravati : भविष्य में जब कभी नौसैनिक पोतों या जहाजों को लांच किया जाए तो उनमें से कुछ का नाम छत्तीसगढ़ की नदियों और क्षेत्रों के नाम पर रखा जाए। यह अनुरोध मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नईदिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से किया है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनेगी पहचान

मुख्यमंत्री साय ने रक्षा मंत्री से मुलाकात में कहा कि छत्तीसगढ़ की नदियाँ इंद्रावती, महानदी केवल जलस्रोत नहीं, बल्कि प्रदेश की आत्मा हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि रक्षा मंत्रालय जब भी नए नौसैनिक पोतों या जहाजों को लॉन्च करे, तो उनमें से कुछ का नाम छत्तीसगढ़ की नदियों और क्षेत्रों के नाम पर रखा जाए, जैसे इंद्रावती, महानदी या बस्तर। यह न केवल प्रतीकात्मक रूप से सुंदर होगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरव प्रदान करेगा।

बिलासपुर एयरपोर्ट का विस्तार हो

बैठक में बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार, रक्षा क्षेत्र के विकास, पूरे प्रदेश में सेना भर्ती रैलियों के आयोजन एवं नौसैनिक पोतों के नामकरण जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने बैठक के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को अवगत कराया कि बिलासपुर में रक्षा मंत्रालय की भूमि है। इस भूमि को उन्होंने बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। साथ ही रक्षा क्षेत्र से संबंधित विकासात्मक कार्य भी आरंभ करने का आग्रह किया।

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