रायपुर। Big Breaking : राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग अधिनियम 2004 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला स्तरीय समिति और विकासखंड स्तरीय समिति के गठन का आदेश जारी किया है।
इन समितियों का उद्देश्य राज्य में संचालित गौशालाओं की निगरानी, निरीक्षण और प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है। समिति की बैठकें हर महीने एक बार जिला स्तर पर और एक बार विकासखंड स्तर पर आयोजित की जाएंगी। बैठकों की अध्यक्षता संबंधित स्तर के अध्यक्ष करेंगे। राज्य शासन ने यह भी निर्देश दिए हैं कि विकासखंड स्तरीय समिति गौशालाओं की स्थिति, पशुओं के पोषण, स्वास्थ्य, तथा अनुदान उपयोगिता पर निगरानी रखेगी और प्रतिवेदन जिला स्तरीय समिति को सौंपेगी।
जारी आदेश के अनुसार,
- समितियाँ छत्तीसगढ़ कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम 2004, छ.ग. गोसेवा आयोग नियम 2005 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के प्रावधानों के तहत कार्य करेंगी।
- जिला स्तर पर यह समिति गौशालाओं का निरीक्षण करेगी और जैविक खेती, जैविक खाद उत्पादन तथा पंचगव्य उत्पादों के संबंध में किसानों व गौशाला प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण देगी।
- गौशालाओं के पंजीयन और अनुदान संबंधी कार्य भी समिति की अनुशंसा पर होंगे।



