नक्सली मल्लोजुला वेणुगोपाल का 60 माओवादी कैडरों के साथ सरेंडर, अबूझमाड़ में नक्सलियों को करारा झटका

Big Breaking: नई दिल्ली/रायपुर/गढ़चिरौली। सीपीआई (माओवादी) के वरिष्ठ नेता और पोलित ब्यूरो सदस्य मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ सोनू ने मंगलवार को महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में 60 माओवादी कैडरों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। इसे सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी सफलता और माओवादियों के लिए करारा झटका माना जा रहा है। सोनू के समर्पण से अबूझमाड़ में नक्सलियों की कमर टूट गई है।

Big Breaking: बता दें कि, पिछले हफ्ते ऐसी रिपोर्ट आई थी कि तेलंगाना के रहने वाले सोनू ने माओवादी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। अपने एक पत्र में उन्होंने कैडरों से अपील की थी कि वे ‘खुद को बचाएं’ और ‘बेमानी बलिदान न दें’. इससे माओवादियों के बीच हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने को लेकर बढ़ते मतभेद उजागर हुए थे।

Big Breaking: 15 अगस्त को जताई थी युद्धविराम की इच्छा

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सोनू ने 15 अगस्त को मौखिक और लिखित दोनों बयान जारी किए थे, जिनमें उन्होंने कहा था कि वे युद्धविराम के लिए तैयार हैं। सितंबर में उन्होंने एक और बयान जारी किया था, जिसमें कहा गया कि हथियार डालने का फैसला केंद्रीय समिति और पोलित ब्यूरो में पहले ही लिया जा चुका था, यहां तक कि 21 मई को छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में बसवराजु की मौत से पहले ही यह निर्णय हो गया था।

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Big Breaking: अमित शाह का प्लान कामयाब

भारत की सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह कदम गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में चल रहे लगातार अभियान का परिणाम माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य 2026 तक देश से पूरी तरह नक्सलवाद को खत्म करना है। कई वर्षों तक वामपंथी उग्रवाद, जिसे आमतौर पर नक्सलवाद कहा जाता है, भारत के लिए एक गंभीर आंतरिक सुरक्षा खतरा रहा। 2010 में अपने चरम पर, नक्सल गतिविधियां देश के कई राज्यों में फैली हुई थीं और 200 से अधिक जिलों को प्रभावित कर रही थीं।