टीआरपी डेस्क। Big Relief : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित नान घोटाला मामले में रिटायर्ड IAS आलोक शुक्ला और वरिष्ठ IAS अधिकारी अनिल टुटेजा को रायपुर ED की विशेष अदालत से जमानत मिल गई है। दोनों अफसरों ने 22 सितंबर को ED कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था, जिसके बाद उन्हें दिल्ली में 4 हफ्ते की कस्टोडियल रिमांड पर भेजा गया था। 16 अक्टूबर को रिमांड अवधि खत्म होने के बाद उन्हें रायपुर कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें जमानत दे दी है।

जेल में ही रहेंगे टुटेजा

जमानत मिलने के बावजूद IAS अनिल टुटेजा को फिलहाल रिहाई नहीं मिल पाएगी। इसकी वजह यह है कि वे छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में भी EOW के आरोपी हैं। जिसके चलते वे अभी न्यायिक हिरासत में ही रहेंगे।

आरोपियों में कौन-कौन शामिल ?

  • शुरुआती दौर में शिवशंकर भट्ट सहित 27 लोगों को आरोपी बनाया गया था।
  • जांच में नागरिक आपूर्ति निगम के तत्कालीन चेयरमैन और एमडी पर भी आरोप तय हुए।
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इस घोटाले में अब तक IAS आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा जैसे बड़े अफसरों का नाम सामने आ चुका हैं। मामला अब भी अदालत में विचाराधीन है।

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल

Big Relief : नान घोटाले में जमानत मिलने को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा है, क्योंकि दोनों ही अधिकारी लंबे समय तक शासन के महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं। वहीं, शराब घोटाले में भी नाम जुड़ने से अनिल टुटेजा की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं।