बिलासपुर। दीपावली की सुबह एक शिक्षक ने अपनी जान जोखिम में डालकर छह साल की बच्ची की जान बचा ली। रतनपुर इलाके में खूंटाघाट बांध के डूबान क्षेत्र में खेत देखने पहुंचे शिक्षक शिवकुमार छत्रवाणी ने जब देखा कि एक मगरमच्छ बच्ची की ओर बढ़ रहा है, तो उन्होंने बिना एक पल गंवाए उसे मगरमच्छ के जबड़े में दबोचने से पहले ही बचा लिया।

यह घटना उस समय की है, जब एक मछुआरा अपनी बेटी विमला धीवर को खेत के मेढ़ पर बैठाकर बांध में मछलियों का जाल निकाल रहा था। बच्ची पानी से करीब 20 फीट की दूरी पर बैठी थी, तभी उसने अचानक मगरमच्छ को अपनी ओर आते देखा और जोर-जोर से रोने लगी। पास ही खेत में मौजूद शिक्षक ने बच्ची की चीख सुनी तो तुरंत दौड़ पड़े।

शिवकुमार जैसे ही पहुंचे, उन्होंने करीब दस फीट लंबे मगरमच्छ को बच्ची के बेहद करीब पाया। उन्होंने तेज़ी से दौड़ लगाई और झटपट बच्ची को अपनी गोद में उठा लिया। यह देखकर मगरमच्छ कुछ पल को ठिठक गया और फिर वापस गहरे पानी में चला गया।

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गांववालों ने शिक्षक की इस बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि दीपावली के दिन उन्होंने एक घर की रोशनी बुझने से बचाई है।