रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस के वरिष्ठ आईपीएस रतनलाल डांगी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगा है। यह आरोप एक एसआई की पत्नी ने लगाया है, जो पेशे से योग शिक्षक हैं। पीड़िता ने 15 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय में जाकर डीजीपी से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। अब इस मामले के जांच की जिम्मेदारी 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी आनंद छाबड़ा, IPS मिलना कुर्रे को दी गई है।
महिला का आरोप है कि डांगी पिछले सात सालों से उनका शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न कर रहे हैं। IPS डांगी का कहना है कि महिला उन्हें बदनाम और ब्लैकमेल करने के लिए यह आरोप लगा रही हैं। डीजीपी ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।
पीड़िता के अनुसार, उनकी पहली मुलाकात डांगी से 2017 में कोरबा में हुई थी, जब डांगी वहां एसपी पद पर थे। शुरूआती बातचीत सोशल मीडिया पर हुई और बाद में दंतेवाड़ा में डांगी की पोस्टिंग के दौरान वीडियो कॉल के माध्यम से योग सिखाने का सिलसिला चला। राजनांदगांव और सरगुजा में आईजी बनने के बाद कथित उत्पीड़न शुरू हुआ और बिलासपुर आईजी पद पर रहते हुए यह लगातार बढ़ गया।
शिकायत में महिला ने बताया कि डांगी उन्हें अपनी पत्नी की गैरमौजूदगी में बंगले बुलाते और न आने पर तबादले की धमकी देते थे। चंदखुरी पुलिस प्रशिक्षण अकादमी में तबादले के बाद भी वह वीडियो कॉल के जरिए सुबह 5 बजे से रात 10 बजे तक संपर्क बनाए रखने का दबाव डालते थे। पीड़िता के पास कई आपत्तिजनक डिजिटल साक्ष्य भी मौजूद हैं।
IPS डांगी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि महिला उन्हें आत्महत्या की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रही हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले की जानकारी उन्होंने पहले भी वरिष्ठ अधिकारियों को दी थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए शासन-प्रशासन ने मौन साध लिया है।
बता दें कि रतनलाल डांगी 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वे बीजापुर, कांकेर, कोरबा और बिलासपुर जैसे जिलों में एसपी रहे हैं और सरगुजा, दुर्ग, बिलासपुर रेंज में आईजी पद पर कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे चंद्रखुरी पुलिस प्रशिक्षण अकादमी के निदेशक हैं।
जांच की जिम्मेदारी आईजी रैंक के अधिकारियों को सौंपी गई है। प्रारंभिक कदम के तौर पर पहले महिला से बयान और डिजिटल साक्ष्य एकत्र किए जाएंगे, उसके बाद IPS डांगी का बयान लिया जाएगा। जांच टीम में महिला अफसर भी शामिल हैं। जांच रिपोर्ट की समयसीमा अभी तय नहीं की गई है।



