बिलासपुर। जिले के मस्तूरी इलाके के ग्राम हिर्री में रविवार को धर्मसभा के नाम पर धर्मांतरण कराने की कोशिश का आरोप लगाया गया है। यहां एक दंपति सहित छह लोगों ने गांव में सभा आयोजित की, जिसमें 70 से अधिक ग्रामीण मौजूद थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी आयोजकों को थाने ले जाकर पूछताछ की और धर्मांतरण के प्रयास से जुड़ा मामला दर्ज किया है।

मिली जानकारी के मुताबिक, रविवार सुबह करीब 11 बजे गांव हिर्री में धर्मसभा का आयोजन किया गया था। आरोप है कि सभा में ग्रामीणों को भोजन का लालच देकर बुलाया गया था। इसकी सूचना मस्तूरी निवासी व्यवसायी सुमित सिंह को मिली, जिन्होंने पुलिस को खबर दी और स्वयं भी मौके पर पहुंचे।

इस दौरान ग्रामीणों ने सभा का विरोध शुरू कर दिया और नारेबाजी करने लगे। सूचना मिलते ही मस्तूरी पुलिस टीम वहां पहुंची, जहां 70 से ज्यादा पुरुष, महिलाएं और बच्चे मौजूद थे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लेकर सभा आयोजकों को थाने ले गई।

मामले में सुमित सिंह की रिपोर्ट पर पुलिस ने छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम और बीएनएसएस की धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। इस प्रकरण में गोरेलाल टंडन, उनकी पत्नी सहोद्रा टंडन, हरानंद टंडन, जयपाल केंवट, ज्योतिष कुमार अंचल और कुमार तरुण सूर्यवंशी के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।

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