रायपुर। अब तक औरंगाबाद रेलवे स्टेशन के नाम से जाना जाने वाला स्टेशन अब छत्रपति संभाजीनगर रेलवे स्टेशन के नाम से जाना जाएगा। रेलवे ने बताया कि यह नाम परिवर्तन औपचारिक रूप से लागू कर दिया गया है और स्टेशन से जुड़े सभी साइनबोर्ड, टिकट, घोषणाएं और डिजिटल सिस्टम में नया नाम अपडेट किया जा रहा है।

रेलवे के आधिकारिक नोटिस में कहा गया है कि नांदेड मंडल, दक्षिण मध्य रेलवे के अंतर्गत आने वाले औरंगाबाद स्टेशन का नाम बदलकर छत्रपति संभाजीनगर रेलवे स्टेशन’ कर दिया गया है। इस स्टेशन का नया कोड CPSN होगा।

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यह निर्णय महाराष्ट्र सरकार की अनुशंसा और केंद्रीय गृह मंत्रालय की स्वीकृति के बाद लिया गया। स्टेशन का नया नाम मराठा योद्धा छत्रपति संभाजी महाराज की वीरता और ऐतिहासिक योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से रखा गया है। एक अधिकारी ने बताया कि अब से सभी प्लेटफॉर्म, ट्रेन घोषणाओं और टिकटों में यह नया नाम ही दर्ज होगा। सभी प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं।

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इससे पहले, केंद्र सरकार ने 2022 में औरंगाबाद शहर का नाम बदलकर ‘छत्रपति संभाजीनगर’ करने की मंजूरी दी थी। अब रेलवे स्टेशन का नाम बदलने के साथ यह प्रक्रिया पूरी हो गई है।

गौरतलब है कि 15 अक्टूबर को महाराष्ट्र की महायुति सरकार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में, इस नाम परिवर्तन का गजट नोटिफिकेशन जारी कर चुकी थी। तीन साल पहले तत्कालीन सरकार ने भी शहर का नाम बदलने का फैसला लिया था, जो छत्रपति शिवाजी महाराज के पुत्र और मराठा साम्राज्य के दूसरे शासक छत्रपति संभाजी महाराज के सम्मान में किया गया था।

इतिहास के अनुसार, औरंगाबाद रेलवे स्टेशन 1900 में हैदराबाद के सातवें निजाम मीर उस्मान अली खान के शासनकाल में खोला गया था। आज यह क्षेत्र छत्रपति संभाजीनगर न केवल एक प्रमुख पर्यटन केंद्र है, बल्कि अजंता और एलोरा की गुफाओं जैसे विश्वप्रसिद्ध यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों के लिए भी जाना जाता है।