टीआरपी। 20 lakh Kisan Credit Cards : नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्सव-2025 में सहकारिता विभाग का स्टॉल लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस वर्ष स्टॉल की थीम 25 वर्षों की यात्रा और अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 रखी गई है। यह स्टॉल छत्तीसगढ़ के किसानों की आत्मनिर्भरता और सामूहिक सहयोग की भावना का सशक्त प्रतीक बन गया है। विभाग ने आम लोगों को जानकारी देते हुए बताया है कि 25 वर्षों में किसान क्रेडिट कार्ड की संख्या बढ़कर 20 लाख से अधिक हो गई है।

प्रदर्शनी में यह दर्शाया गया है कि सहकारिता आंदोलन ने पिछले 25 वर्षों में किसानों, श्रमिकों और आम नागरिकों के जीवन में किस प्रकार आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन लाया है। स्टॉल में सहकारी शक्कर कारखानों, इथेनाल संयंत्रों, प्राथमिक कृषि साख समितियों, धान उपार्जन प्रणाली, किसान क्रेडिट कार्ड योजना और सहकारी बैंकों में कोर बैंकिंग सॉल्यूशन जैसी प्रमुख उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया है।

स्टॉल में यह भी जानकारी दी गई कि प्रदेश में 725 नई सहकारी समितियों का गठन हुआ है तथा 695 समितियों में गोदाम-सह-कार्यालय भवन बन चुके हैं। धान खरीदी केंद्रों का पूर्ण कम्प्यूटराइजेशन किया गया है जिससे किसानों को पारदर्शी और त्वरित भुगतान मिल रहा है।

See also  वन्य प्राणी पेंगोलीन की तस्करी के फिराक में था आरोपी, दबिश देने वाली टीम बनी खरीददार, तय हुआ सौदा फिर ऐसे शिकंजे में फंसा तस्कर

स्टॉल में ‘सहकार से समृद्धि’ की भावना को फोटो, चार्ट और डिजिटल माध्यम से जीवंत रूप में प्रदर्शित किया गया है। “अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025” के अंतर्गत राज्य में आयोजित गतिविधियों जैसे ड्रोन तकनीक प्रदर्शन, किसान संगोष्ठियाँ, जैविक सप्ताह, वृक्षारोपण अभियान और फार्मर पंजीयन की जानकारी भी दी गई है।