0 सभी संभागों में धरना प्रदर्शन आज से शुरू
रायपुर/महासमुंद। राज्य सरकार ने जहां एक ओर किसानों से धान खरीदी की तैयारियां शुरू कर दी हैं। वहीं दूसरी ओर खरीदी कार्य से जुड़े कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल का आगाज कर दिया है। सहकारी समितियों में कार्यरत सहकारी कर्मियों समेत सभी डाटा एंट्री ऑपरेटर सोमवार से चार सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।
संघ की मांगों में प्रमुख रूप से धान खरीद में 3 फीसदी सुखत, डाटा एंट्री ऑपरेटरों का आउटसोर्सिंग से भर्ती बंद करने,मध्य प्रदेश की भांति समितियों को वेतन अनुदान देने, साल 2024-25 में सुखत को मान्य करने जैसी मांगें शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ सहकारी समिति महासंघ रायपुर व समर्थन मूल्य धान खरीदी डाटा एंट्री आपरेटर संघ रायपुर के संयुक्त तत्वाधान में प्रदेश के तकरीबन 16 हजार कर्मियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सहकारी समिति कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष जयप्रकाश साहू, कौशल साहू का कहना है कि एक तरफ तो सरकार ने 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने की बात कही है और दूसरी ओर समितियों में कार्यरत कर्मचारियों ने धान खरीदी नीतियों को समितियों के साख के खिलाफ बताया है। संघ ने इस बाबत प्रदेश के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्री आदि सभी को ज्ञापन सौंपा है। बावजूद इसके आज पर्यंत तक कोई भी पहल सरकार द्वारा नहीं होते देख अनिश्चितकालीन आंदोलन का रुख अख्तियार किया है। जिलाध्यक्ष साहू ने बताया कि महासमुंद जिले के करीब 700 कर्मचारियों ने प्रदेश महासंघ के आह्वान का स्वस्फूर्त समर्थन दिया है।
रायपुर जिला संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष नरेंद्र साहू ने बताया कि रायपुर में हड़ताल के लिए जगह नहीं मिलने के कारण महासमुंद के लोहिया चौक में संभाग स्तरीय धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है। इसमें रायपुर सहित महासमुंद, धमतरी गरियाबंद और बलौदा बाजार के भी सहकारी कर्मी शामिल होंगे।
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने किसानों से धान खरीदी की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस सिलसिले में विगत दिनों खाद्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन की टीम ने जिलों की विभिन्न समितियों का दौरा कर धान खरीदी की आवश्यक तैयारियों का जायजा लिया। प्रदेश संघ के पूर्व नियोजित हड़ताल आगाज के चलते प्रशासन ने समितियों में पहले से ही नए जुट बारदाने की व्यवस्था कर रखी है, ताकि हड़ताल कि वजह से समस्याएं पैदा ना हों।


