टीआरपी डेस्क। कुछ लोग समाज के बनाए गए नियमों के अनुसार जिंदगी गुजारते हैं। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जो समाज के बनाए गए नियमों को बदलकर समाज को नई प्रेरणा देते हैं। अंबेडकर नगर टांडा क्षेत्र के ग्राम अमेदा सरैयां निवासी सुनील वर्मा ने अपनी मां की तेरहवीं को एक प्रेरक उदाहरण बना दिया।

परंपरागत भंडारे की जगह उन्होंने समाज में एक नई सोच पेश की है। सुनील वर्मा ने अपने भाई संतोष वर्मा के साथ मिलकर गांव की तेरह जरूरतमंद बालिकाओं के नाम 5100-5100 रुपये की फिक्स डिपॉजिट (एफडी) कराई, ताकि यह राशि उनके भविष्य और शिक्षा में सहायक बन सके।

उन्होंने कहा कि इस धनराशि का इस्‍तेमाल इनकी भविष्य की शिक्षा के लिए किया जा सकेगा। बेटियां शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए इस धनराशि को खर्च कर सकें। इन सभी के नाम 51-51 सौ रुपये की एफडी कर पासबुक को सबको सौंप दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष साधू वर्मा ने इन सभी को एफडी का पत्र दिया। सुनील वर्मा ने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष साधू वर्मा का गरीबों के प्रति लगाव देख कर ही मुझे इसकी प्रेरणा मिली है।

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कौन हैं सुनील वर्मा

सुनील वर्मा टांडा विधानसभा के ग्राम अमेदा सरैया के निवासी हैं। साधारण किसान परिवार से आने वाले सुनील वर्मा छात्र जीवन से ही सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे हैं। वे टांडा टी.एन.पी.जी. कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुके हैं और वर्तमान में अंबेडकर नगर जिला पंचायत अध्यक्ष साधू वर्मा के साथ समाजसेवा के कार्यों में जुड़े हैं।