रायपुर। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन (CGMSC) ने दो और दवाओं के वितरण पर रोक लगा दी है। इनमें एक आयरन सुक्रास इंजेक्शन और दूसरी बीकाफेन दवा है। दोनों की ही एक्सपायरी अगले वर्ष की है। इंजेक्शन वायटल हेल्थ केयर और दवा बहुचर्चित 9 एम कंपनी के उत्पाद हैं। बीते दस दिन में दवा निगम ने पांच दवाओं के उपयोग पर रोक लगाते हुए स्टॉक को वापस स्टोर भेजने को कहा है।
CGMSC द्वारा ड्रग वेयरहाउस कवर्धा में बैक्लोफेन 10 एमजी टैबलेट (Drug Code – ND88) के Batch No. RT24126 और RT25018 का भौतिक सत्यापन किया गया, जिसमें कुछ पैकेट्स पर रंग परिवर्तन पाए गए। एहतियातन इन बैचों के वितरण और उपयोग पर अस्थायी रोक लगाते हुए नमूनों को NABL मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में पुनः परीक्षण हेतु भेजा गया है।
दवा से मरीज को हुआ साइड इफेक्ट
इसी प्रकार, रीजनल ड्रग वेयरहाउस बिलासपुर से आयरन सुक्रोज 100 एमजी इंजेक्शन (ड्रग कोड – D285), बैच No. V24104 को प्राथमिक स्वास्थ्य एवं जच्चा-बच्चा केंद्र, बंधवापारा (हेमू नगर) में उपयोग के दौरान एक मरीज में साइड इफेक्ट की सूचना प्राप्त हुई। इस पर CGMSC ने संबंधित बैच के उपयोग पर भी सावधानीवश अस्थायी रोक लगाई है।
कॉर्पोरेशन ने स्पष्ट किया है कि दोनों प्रकरणों की जांच एवं दवाओं के परीक्षण परिणामों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई निविदा की शर्तों और नियमों के अनुसार की जाएगी।
घटिया दवाओं के चलते स्वास्थ्य महकमा घेरे में
कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के संयोजक डा राकेश गुप्ता ने एक दिन पहले ही एक और दवा के रिजेक्ट होने के चलते स्वास्थ्य मंत्री पर निशाना साधा और उनसे इस्तीफे की मांग की। ठीक इसके बाद दो और दवाओं के रिजेक्ट होने से स्वास्थ्य विभाग और CGMSC की जमकर किरकिरी हो रही है। डॉ राकेश गुप्ता का कहना है कि इनमें से एक दवा भाजपा शासन काल के दौरान बहुत चर्चित दवा कंपनी 9M द्वारा सप्लाई की गई थी है। दोनों दवाइयां की सप्लाई भाजपा के शासनकाल में ही की गई है।




