भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार विधायकों के वेतन, भत्तों और पेंशन में बढ़ोतरी की तैयारी कर रही है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा की अध्यक्षता में गठित समिति की बैठक 11 नवंबर को आयोजित की जाएगी, जिसमें अन्य राज्यों, विशेष रूप से छत्तीसगढ़, में विधायकों को मिलने वाले वेतन और भत्तों की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। फिलहाल प्रदेश के विधायकों को लगभग 1 लाख 75 हजार रुपये प्रतिमाह मिलते हैं, जिसमें वेतन, निर्वाचन भत्ता, चिकित्सा भत्ता और अन्य सुविधाएं शामिल हैं।

समिति की सिफारिशों के आधार पर ‘मंत्री एवं विधायक वेतन भत्ता संशोधन विधेयक’ दिसंबर में शुरू होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पेश किया जा सकता है। प्रस्तावित संशोधन के तहत न केवल वर्तमान विधायकों के वेतन-भत्तों में बल्कि पूर्व विधायकों की पेंशन और अन्य सुविधाओं में भी वृद्धि की संभावना है।

लंबे समय से विधायकों की इस मांग पर चर्चा चल रही थी, और अब सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। छत्तीसगढ़ जैसे पड़ोसी राज्यों में विधायकों को अधिक वेतन और सुविधाएं प्राप्त हैं, जिन्हें ध्यान में रखकर मध्य प्रदेश में नया ढांचा तैयार किया जा रहा है। अनुमान है कि 1 दिसंबर से शुरू होने वाले सत्र में इस विधेयक पर चर्चा और अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

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