0 सीआरएस ने जांच शुरू की

बिलासपुर।लालखदान-गतौरा रेलखंड पर हुए रेल हादसे की प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रेलवे मंडल की पांच सदस्यीय टीम ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में बताया कि कोरबा-बिलासपुर लोकल ट्रेन के चालक ने गलत सिग्नल देखकर ट्रेन को उस ट्रैक पर दौड़ा दिया, जहां पहले से कोयला लोडेड मालगाड़ी खड़ी थी। इस गलती के चलते 11 यात्रियों की जान चली गई और 20 लोग घायल हो गए।

मंगलवार शाम करीब 4 बजकर 10 मिनट पर कोरबा से आ रही गेवरा रोड मेमू लोकल (68733) बिलासपुर की ओर बढ़ रही थी। लालखदान के पास ट्रैक घुमावदार था। आशंका है कि चालक को अपना सिग्नल स्पष्ट नहीं दिखा और उसने दूसरी लाइन पर दिख रहे ग्रीन सिग्नल को सही मान लिया।

इसी दौरान लोकल मेमू ट्रेन ने “रेड सिग्नल” पार कर दिया, जिसे रेलवे भाषा में सिग्नल पास्ड एट डेंजर (एसपीएडी) कहा जाता है। ट्रेन सीधे खड़ी मालगाड़ी से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मेमू का इंजन और ब्रेक यान मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गए, जबकि बाकी डिब्बे नीचे लटक गए। रेलवे अफसरों के अनुसार, घटनास्थल का कर्व (घुमावदार हिस्सा) हादसे का बड़ा कारण बना। विद्या सागर ने दूसरे ट्रैक का सिग्नल देखकर ट्रेन आगे बढ़ा दी।

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ज्यादा थी मेमू की स्पीड

जांच रिपोर्ट में यह भी दर्ज है कि ट्रेन गतौरा स्टेशन से निकलते समय 50 किमी/घंटे की रफ्तार पर थी, जबकि इससे पहले यह 76 किमी/घंटे की गति पर चल रही थी। माना जा रहा है कि सामने मालगाड़ी देखकर चालक ने इमरजेंसी ब्रेक भी लगाए, पर तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

पुलिस ने दर्ज किया मामला

तोरवा पुलिस ने रेलवे के पत्र के आधार पर मृत लोको पायलट के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का अपराध दर्ज किया है।

बता दें कि लोको पायलट विद्या सागर एक माह पहले तक मालगाड़ी चलाते थे। हाल ही में उन्हें पदोन्नति देकर यात्री ट्रेन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। लोको पायलट विद्या सागर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सहायक महिला चालक रश्मि राज गंभीर रूप से घायल हैं और अपोलो अस्पताल में भर्ती हैं।

उधर, रेल संरक्षा आयुक्त ( सीआरएस ) बी.के. मिश्रा कल बिलासपुर पहुंच गए। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया। वे तीन दिनों तक जांच में जुटे रहेंगे और स्टेशन मास्टर, प्वाइंट्समैन, सिग्नल इंजीनियर, गार्ड और अन्य कर्मचारियों के बयान दर्ज करेंगे। रेलवे सेफ्टी कमिश्नर सात नवंबर तक बिलासपुर में रहकर रेल दुर्घटना की विस्तृत जांच करेंगे।

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इन सभी का बयान लेंगे संरक्षा आयुक्त

रेलवे के संरक्षा आयुक्त बी. के. मिश्रा डीआरएम कार्यालय में बैठकर 19 रेलवे कर्मचारियों से पूछताछ कर बयान दर्ज कर रहे हैं। बयान के लिए जिन कर्मचारियों को उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है, उनमें शामिल हैं- एलपीजी सुनील कुमार साहू, एएलपी पुनीत कुमार, मेमू लोकल के ट्रेन मैनेजर ए.के. दीक्षित, मालगाड़ी के ट्रेन मैनेजर शैलेश चंद्र, सेक्शन कंट्रोलर पूजा गिरी, गतौरा स्टेशन मास्टर आशा रानी, ज्योत्सना रात्रे, स्टेशन मास्टर निशा कुमार, सीएसएम एस. निर्मलकर, सीएंडडब्ल्यू के एसएसई इंद्र मोहन, सीएलई एस. आचार्य, एसएसई जे.पी. राठौर, एसएसई सिग्नल जे.के. चौधरी, सीडीटीआई ए.के. अग्ने, एसएसई मेमू शेड नरेंद्र कुमार साहू, बोधन गडरिया, एलपीजी सुब्रतो साव और एलएपी प्रभात सिंह। इनमें गतौरा, रायगढ़ और बिलासपुर के रेलकर्मी शामिल हैं। बयान सुबह नौ बजे से दर्ज किए जा जा रहे हैं। सहायक लोको पायलट रश्मि राज अपोलो में भर्ती हैं, उनसे अलग से बयान दर्ज किया जाएगा।

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