राजनांदगांव। राज्योत्सव 2025 संम्पन्न हो गया है। लेकिन इसकी चर्चाएं अभी भी हो रही है। रायपुर में मंत्रियों और नेताओं के कट आउट को मवेशी ढोने वाले वाहन में देखा गया। इस मामले पर 2 इंजीनियर और 1 इंस्पेक्टर को सस्पेंड किया गया। अब इसी तरह का मामला फिर सामने आया है। अब की बार राजनांदगांव प्रशासन पर सवाल उठ रहे है। दरअसल आरोप है कि बिहान योजना के तहत आत्मनिर्भर बन चुकी महिलाओं का सम्मान से पहले अपमान किया गया। उपराष्ट्रपति के हाथों सम्मानित होने वाली इन लखपति दीदियों को प्रशासन ने जिस तरह आयोजन स्थल तक पहुंचाया, उसने लोग काफी नाराज है। उन्हें सम्मान के लिए बुलाया गया तो था लेकिन दीदियों कचरा उठाने वाली गाड़ी में लाया गया। जिसकी तस्वीरें खूब वायरल हो रही हैं।

जिला पंचायत की बिहान योजना के अंतर्गत सरकारी लोन लेकर अपने पैरों पर खड़ी हुई महिलाएं अब सफल उद्यमी बन चुकी हैं। इन्हीं महिलाओं को सम्मानित करने के लिए उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन बुधवार को राजनांदगांव पहुंचे थे। स्टेट स्कूल में आयोजित समारोह में इन दीदियों को आत्मनिर्भरता की मिसाल के रूप में सम्मान मिलना था, लेकिन कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने की व्यवस्था ने सारी मर्यादाएं तोड़ दीं। प्रशासनिक अफसरों की लापरवाही का आलम यह रहा कि लखपति दीदियों को कचरा वाहनों में बैठाकर भेड़-बकरियों की तरह ले जाया गया।

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स्थानीय नागरिकों ने इस घटना को न केवल असंवेदनशील बताया बल्कि इसे नारी अस्मिता पर चोट कहा। शहर में यह चर्चा जोरों पर है कि लाखों रुपए सरकारी खर्च में आयोजन करने वाले अधिकारी अगर मेहमानों की गरिमा का भी ध्यान नहीं रख सके, तो ऐसे आयोजनों का क्या औचित्य रह जाता है।