टीआरपी डेस्क। भारत में डिजिटल भुगतान की तीव्र बढ़त ने RuPay क्रेडिट कार्ड को सबसे तेजी से लोकप्रिय होने वाला कार्ड बना दिया है। खासतौर पर UPI के जरिये क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। बर्नस्टीन के अनुसार, अब UPI आधारित क्रेडिट कार्ड लेन-देन कुल ट्रांजैक्शन का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा बन चुके हैं।

वित्त वर्ष 2023-24 के अंत तक RuPay क्रेडिट कार्ड का मार्केट शेयर वॉल्यूम के आधार पर 10 प्रतिशत से बढ़कर करीब 40 प्रतिशत हो गया। वैल्यू के स्तर पर भी इसका हिस्सा 2 प्रतिशत से बढ़कर 8 प्रतिशत पर पहुंच गया है। आरबीआई ने 2022 के अंत में RuPay क्रेडिट कार्ड को UPI से लिंक करने की अनुमति दी थी, जिसके बाद इसके इस्तेमाल में लगातार तेजी आई है।

विशेषज्ञों के अनुसार, अधिक मर्चेंट एक्सेप्टेंस और छोटे व्यापारियों के लिए कम शुल्क ढांचा (MDR) ने इसकी लोकप्रियता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। 2,000 रुपये तक के लेन-देन पर अत्यंत कम या शून्य MDR होने के कारण छोटे व्यापारी RuPay क्रेडिट कार्ड को आसानी से स्वीकार कर रहे हैं। इससे यह कार्ड छोटे रिटेलर्स और आम उपभोक्ताओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हुआ है।

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UPI और RuPay कार्ड का संयोजन डिजिटल पेमेंट सेक्टर में नई दिशा देता दिख रहा है। PwC इंडिया की रिपोर्ट बताती है कि इस एकीकरण से उपयोगकर्ताओं को सरल भुगतान अनुभव और लचीली क्रेडिट सुविधा दोनों मिलती हैं। क्यूआर कोड स्कैन कर भुगतान करना आसान हुआ है और रिवॉर्ड्स के साथ बिलिंग प्रक्रिया भी सरल हो गई है।

UPI आधारित क्रेडिट कार्ड एक्सेप्टेंस बढ़ने से ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में भी तेजी आई है। SBI कार्ड्स और Paytm जैसे प्लेटफॉर्म इस वृद्धि से सबसे ज्यादा लाभ उठा रहे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि शुरुआती दौर में डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन जैसे जो रुझान दिखाई देते थे, अब वे क्रेडिट कार्ड उपयोग में भी नजर आने लगे हैं।