रायपुर। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में नमी की मात्रा घटने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में प्रदेश में ठंड का असर तेजी से बढ़ेगा। अगले 24 घंटे में रात के तापमान में लगभग तीन डिग्री तक की गिरावट होने की संभावना जताई गई है। वहीं दो दिन बाद मध्य और दक्षिणी क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने से तापमान में चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
मौसम विभाग ने गुरुवार को बस्तर संभाग के कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा की संभावना जताई है। वहीं प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में 6 नवंबर से और मध्य व दक्षिणी हिस्सों में 7 नवंबर से न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट का दौर शुरू हो सकता है।
पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में अधिकतम तापमान मनेंद्रगढ़ में 33.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 12.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि निम्न दाब का क्षेत्र उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी और मध्य पूर्व बंगाल की खाड़ी-म्यांमार क्षेत्र पर बना हुआ है, जिसके साथ ऊपरी हवा में लगभग 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक चक्रीय परिसंचरण फैला है। यह सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है, जिसके कारण बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी में कमी हो रही है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट के साथ सुबह और रात के समय ठंड बढ़ेगी। दिन में हल्की धूप रहेगी लेकिन रात में मौसम सर्द महसूस होगा, जिससे लोगों को अब रजाई और कंबल का सहारा लेना पड़ेगा।



