टीआरपी डेस्क। मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों एक लेटर ने हलचल मचा दी है। संयुक्त क्रांति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बालाघाट जिले के लांजी से पूर्व विधायक किशोर समरीते ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भेजकर पूरी मध्य प्रदेश सरकार को 11 लाख करोड़ रुपये में तीन साल के लिए लीज पर लेने का प्रस्ताव दिया है। उनका कहना है कि अगर खनन माफिया पूरे प्रदेश को लूट सकता है, तो वे इसे पारदर्शी तरीके से चला सकते हैं।
समरीते ने पत्र में लिखा है कि वे यह राशि तीन साल की अवधि के लिए देंगे और इस दौरान प्रदेश के प्रशासन, विकास कार्यों और कर्ज अदायगी की पूरी जिम्मेदारी खुद उठाएंगे। उन्होंने बताया कि इसके लिए फंड की व्यवस्था विदेशी निवेशकों, एनआरआई फंडिंग और देश के बड़े औद्योगिक घरानों की मदद से की जाएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि खनन माफिया, अधिकारी और नेता मिलकर प्रदेश को लूट रहे हैं, जिससे जनता के हक का पैसा बर्बाद हो रहा है। समरीते ने लिखा, खनन माफिया ने पूरे प्रदेश पर कब्जा कर लिया है। अधिकारी और राजनेता जनता की कमाई पर डाका डाल रहे हैं।
पत्र में लगाए गए गंभीर आरोप
समरीते ने अपने पत्र में बालाघाट जिले से जुड़े कई मामलों का ज़िक्र किया, जिनमें प्रशासनिक और पर्यावरणीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप शामिल हैं…
- जगंतोला खदान घोटाला: श्री कृष्णा माइनिंग एंड ट्रेडिंग सिंडिकेट पर आरोप है कि उसने जाली दस्तावेज़ों के सहारे 20 साल के खनन पट्टे को 50 साल तक बढ़ा लिया।
- MPPCB की मिलीभगत: प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 21 जनवरी 2025 की भविष्य की तारीख डालकर कंसेंट ऑर्डर जारी किया, जिससे प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं।
- स्थानीय शोषण: किसानों और आदिवासियों की ज़मीन बिना उचित मुआवज़े के छीनी जा रही है, जबकि खनन से उत्पन्न प्रदूषण ने जीवन मुश्किल कर दिया है।
समरीते ने पत्र के साथ तकनीकी दस्तावेज़ों और साक्ष्यों की सूची भी जोड़ी है, जिनमें शामिल हैं:
- तारीखों में हेराफेरी के प्रमाण
- पर्यावरण मानकों का उल्लंघन
- अवैध खनन पट्टा विस्तार
- अधिकारियों और कंपनियों की मिलीभगत
सरकार को लीज पर लेने का तर्क
समरीते का कहना है कि उनका प्रस्ताव सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं, आर्थिक दृष्टि से भी संभव है। उनके मुताबिक, जब एक खनन कंपनी हजारों करोड़ का मुनाफा कमा सकती है, तो पूरे प्रदेश का संचालन 11 लाख करोड़ में करना असंभव नहीं। मैं राज्य का पूरा कर्ज चुकाने की गारंटी देता हूं।
उन्होंने कहा कि यदि यह प्रस्ताव स्वीकार किया जाता है, तो वे हर खर्च का पूरा विवरण जनता के सामने रखेंगे और एक पूरी तरह पारदर्शी शासन प्रणाली अपनाएंगे।
केंद्र सरकार से मांगें
- अपने पत्र में समरीते ने केंद्र से कई कार्रवाइयों की मांग की है
- मध्य प्रदेश के खनन घोटालों की CBI जांच
- भ्रष्ट अधिकारियों और नेताओं पर कार्रवाई
- श्री कृष्णा माइनिंग का पट्टा रद्द किया जाए
- प्रभावित किसानों और आदिवासियों को उचित मुआवजा दिया जाए



