बिलासपुर। जिला शिक्षा अधिकारी, बिलासपुर विजय टांडे को राज्य शासन को गलत और विरोधाभासी जानकारी देने के आरोप में संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। संयुक्त संचालक ने डीईओ से तत्काल स्पष्टीकरण मांगा है और चेतावनी दी है कि यदि जवाब असंतोषजनक पाया गया, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

संयुक्त संचालक शिक्षा, बिलासपुर ने जारी नोटिस में उल्लेख किया है कि 10 नवंबर 2025 को जिला शिक्षा अधिकारी ने अपने कार्यालय के माध्यम से यह प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था कि जिले में निशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण शत-प्रतिशत पूर्ण हो चुका है और कोई भी विद्यार्थी पुस्तक से वंचित नहीं है। मगर उसी दिन शाम 4 बजे संचालनालय स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) में डीईओ बिलासपुर ने अतिरिक्त पाठ्यपुस्तकों की मांग रख दी।

नोटिस में कहा गया है कि डीईओ द्वारा दी गई इन दोनों सूचनाओं में स्पष्ट विरोधाभास है, जिससे यह प्रतीत होता है कि या तो गलत आंकड़े प्रस्तुत किए गए या फिर वास्तविक स्थिति की सही जानकारी राज्य स्तर पर नहीं दी गई। संयुक्त संचालक ने इसे गंभीर प्रशासनिक चूक बताते हुए कहा कि ऐसी गलत जानकारी से न केवल विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्न उठते हैं, बल्कि संभाग की छवि राज्य स्तर पर धूमिल होती है।

See also  जनपद कार्यालय में अध्यक्ष और सदस्यों ने जड़ा ताला, फर्जी शिकायत पर फंड का आबंटन रोके जाने का आरोप

नोटिस में डीईओ विजय टांडे से पूछा गया है कि दोनों अवसरों पर दी गई परस्पर विरोधाभासी जानकारियों का क्या आधार था, और उन्होंने राज्य स्तर पर भ्रम फैलाने वाली रिपोर्ट क्यों प्रस्तुत की। संयुक्त संचालक ने उन्हें तीन दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।