रायपुर। पेट दर्द की शिकायत लेकर आई एक महिला को हार्निया का मरीज बताकर गलत इलाज करने के मामले में श्री गोविंद हॉस्पिटल पर बड़ी कार्रवाई हुई है। आयुष्मान भारत योजना ने इस अस्पताल को पूरे एक साल के लिए निलंबित कर दिया है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अस्पताल के करीब डेढ़ सौ क्लेम भी जांच के दायरे में आ गए हैं। विभागीय स्तर पर अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर संस्था को बंद कराने की सिफारिश भी भेजी गई है। इसके साथ ही आठ अन्य अस्पतालों को भी तीन-तीन महीने के लिए निलंबित किया गया है।

मामले की शुरुआत तब हुई जब आयुष्मान योजना की नेशनल फ्राड इंवेस्टीगेशन टीम को बांसटाल के करीब 30 बेड वाले इस अस्पताल से अनियमितताओं की सूचना मिली। राज्य स्वास्थ्य विभाग ने मौके पर जांच की और कई फर्जी क्लेम पकड़े। सामान्य मरीजों को गंभीर बताकर गलत पैकेज लागू करने जैसे मामले सामने आए। हार्निया के नाम पर किए गए इलाज में फर्जी सोनोग्राफी रिपोर्ट तक दर्ज की गई थी। अस्पताल प्रबंधन इन आरोपों पर कोई भरोसेमंद जवाब नहीं दे सका।
अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल द्वारा किए गए लगभग 150 पैकेज संदिग्ध पाए गए हैं और सभी की जांच जारी है। लगातार शिकायतें देखते हुए अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई भी प्रस्तावित की गई है।
इसी तरह फर्जीवाड़े के मामलों में 8 अन्य अस्पतालों पर भी कार्रवाई की गई है
| अस्पताल | निलंबन अवधि |
|---|---|
| श्री गोविंद हॉस्पिटल, बांसटाल | 1 वर्ष |
| वरदान हॉस्पिटल, शंकर नगर | 3 माह |
| जौहरी सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, भाठागांव | 3 माह |
| न्यू रायपुरा हॉस्पिटल, महादेवघाट रोड | 3 माह |
| सौभाग्य हॉस्पिटल, खमतराई | 3 माह |
| सिद्धि विनायक हॉस्पिटल, उरकुरा | 3 माह |
| शिवम हॉस्पिटल, कुशालपुर | 3 माह |
| लक्ष्मी हॉस्पिटल एंड मैटरनिटी होम, आरंग | 3 माह |
| जैन अस्पताल, देवेंद्र नगर | 3 माह |


