टीआरपी डेस्क। श्रीनगर के नौगाम इलाके में नौगाम पुलिस स्टेशन परिसर में हुए शक्तिशाली विस्फोट ने क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। इस घटना में मृतकों की संख्या 9 तक पहुंच गई है, जबकि 27 व्यक्ति घायल हुए हैं। कई घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है और कुछ व्यक्ति अभी लापता हैं, जिनकी खोज मलबे में जारी है। प्रशासन को आशंका है कि मृतकों की संख्या में बढ़ सकती है।
शीर्ष सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल से बरामद विस्फोटक पदार्थ की फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी टीम पिछले दो दिनों से जांच कर रही है। विशेषज्ञों का मत है कि अस्थिरता केवल मूवमेंट या हैंडलिंग से नहीं हुई, बल्कि तापमान, रासायनिक संरचना और विशिष्ट तत्वों के संपर्क जैसी संवेदनशील परिस्थितियां इसमें शामिल हो सकती हैं।
प्रारंभिक जांच से पता चला है कि विस्फोटक सामग्री हरियाणा के फरीदाबाद से लाई गई थी। जांच टीम यह निर्धारित करने में लगी है कि विस्फोट रासायनिक अस्थिरता से हुआ या इसके पीछे कोई साजिश थी।
पुलिस स्टेशन के एक भाग को गंभीर क्षति पहुंची है, जिससे बचाव कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है। घटनास्थल से लगभग 300 फीट दूर तक मानव अवशेष मिले हैं, जो विस्फोट की तीव्रता को दर्शाते हैं।
विस्फोट के तुरंत बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी फैल गई। दक्षिण श्रीनगर में धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर सुनी गई। पुलिस स्टेशन से आग की लपटें उठती दिखाई दीं। सूचना मिलते ही एम्बुलेंस और अग्निशमन दल मौके पर पहुंचे तथा घायलों को निकटतम अस्पतालों में भर्ती कराया गया। जिला अस्पताल सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट कर दिया गया है।
प्रशासनिक अधिकारी घायलों का हाल जानने अस्पताल पहुंचे। श्रीनगर के उपायुक्त अक्षय लाबरू ने घायलों से मुलाकात की और अस्पताल प्रशासन को आवश्यक सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि जिला प्रशासन पूर्ण रूप से सतर्क है और घायलों के उपचार में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
जांच में दो प्रमुख दृष्टिकोण उभरे हैं। पहला, पुलिस स्टेशन में जब्त 350 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट को सील करने या हैंडलिंग में चूक से विस्फोट हुआ हो सकता है। अमोनियम नाइट्रेट एक संवेदनशील रसायन है, जिसमें न्यूनतम त्रुटि भी गंभीर परिणाम दे सकती है।
दूसरा दृष्टिकोण आतंकी साजिश का है। परिसर में खड़ी एक कार, जो पूर्व में अवैध गतिविधियों के संदेह में जब्त की गई थी, में आईईडी लगा होने की आशंका है। इससे प्रारंभिक विस्फोट हुआ और निकट रखे अमोनियम नाइट्रेट में श्रृंखलाबद्ध धमाका हो गया। सुरक्षा एजेंसियां दोनों पहलुओं पर गहन जांच कर रही हैं।


