टीआरपी डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद नई सरकार के शपथ ग्रहण को लेकर तैयारियां चल रही है। सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राजभवन पहुंचे, जहां उन्होंने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद रहे। मुलाकात के दौरान नीतीश कुमार ने 17वीं विधानसभा को 19 नवंबर को भंग करने की औपचारिक जानकारी दी, लेकिन अपना इस्तीफा नहीं सौपा।

सुबह यह खबर आई थी कि मुख्यमंत्री ने इस्तीफा दे दिया है, लेकिन कुछ देर बाद स्पष्ट हुआ कि उन्होंने केवल विधानसभा भंग होने की तिथि तय की है और 19 नवंबर को ही इस्तीफा देंगे।

JDU नेता विजय कुमार चौधरी ने बताया कि सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में विधानसभा भंग करने की अनुशंसा पारित की गई। साथ ही सरकार के पूरे कार्यकाल में अधिकारियों व कर्मचारियों के सहयोग को भी सराहा गया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने सरकारी नीतियों और कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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कैबिनेट बैठक में एक और प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें हाल ही में हुए चुनावों में एनडीए को मिली भारी जीत का उल्लेख किया गया। मंत्रिपरिषद ने नीतीश कुमार के नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी अगुवाई में गठबंधन ने प्रचंड बहुमत हासिल कर नई ऊंचाई छुई है।

19 नवंबर को विधानसभा भंग होने के बाद नीतीश कुमार अपना इस्तीफा सौंपेंगे और इसके बाद नई सरकार के गठन की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू होगी।