रायपुर। कलिंगा विश्वविद्यालय, रायपुर के केंद्रीय पुस्तकालय ने कानून शिक्षा और शोध को सशक्त बनाने की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम उठाते हुए “डॉ. यशवंत सिंह परमार विरासत” नामक एक विशेष संग्रह का उद्घाटन किया है। यह संग्रह 1969 से 2025 तक के 567 महत्वपूर्ण सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक मामलों को समेटे हुए है। इस विशेष संग्रह का औपचारिक अनावरण 20 नवम्बर 2025 को विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय में किया गया।

यह सुव्यवस्थित संग्रह विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, संकाय सदस्यों और विधिक पेशेवरों के लिए एक समृद्ध शैक्षणिक संसाधन के रूप में कार्य करता है, जो न्यायशास्त्र में उन्नत अध्ययन के लिए एक व्यवस्थित आधार प्रदान करता है। यह संग्रह न्यायिक विकास की दशकों लंबी यात्रा को श्रद्धांजलि अर्पित करता है और डॉ. यशवंत सिंह परमार जो हिमाचल प्रदेश के संस्थापक एवं प्रथम मुख्य मंत्री थे की स्मृति का सम्मान करता है। जो डॉ. के. रिजु राज एस. जम्वाल के पूर्वज थे, जिनकी विरासत आज भी विद्वता और विधिक अनुसंधान को प्रेरित करती है। इसके स्थापना से कलिंगा विश्वविद्यालय की कठोर विधिक अनुसंधान को बढ़ावा देने और आधुनिक शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप शैक्षणिक उत्कृष्टता की संस्कृति को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता एक बार फिर दृढ़ होती है।

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उद्घाटन समारोह में प्रतिष्ठित अतिथियों और विधिक समुदाय के सदस्यों ने उपस्थिति दर्ज की। सम्मानीय अतिथियों में डॉ. के. रिजु राज एस. जम्वाल, अधिवक्ता एवं विधिक परामर्शदाता, भारत के सर्वोच्च न्यायालय, तथा श्रीमती जम्वाल, चार्टर्ड अकाउंटेंट और प्रमाणित वित्तीय विश्लेषक, सहित कलिंगा विश्वविद्यालय के डॉ. आर. श्रीधर- कुलपति; डॉ. संदीप गांधी कुलसचिव, डॉ. राहुल मिश्रा- अधिष्ठाता अकादमिक मामले एवं परीक्षा नियंत्रक, तथा विधि संकाय के सदस्य उपस्थित थे।

उद्घाटन को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. के. रिजु राज एस. जम्वाल ने न्यायशास्त्रीय अध्ययन को सशक्त बनाने और विश्लेषणात्मक शोध को बढ़ावा देने में आसानी से उपलब्ध कानूनी दस्तावेजों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि ऐसे संग्रह किस प्रकार सुविज्ञ, भविष्य-तैयार विधिक पेशेवरों के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

यह कार्यक्रम डॉ. मोहम्मद नासिर, प्रोफेसर-सह-विश्वविद्यालय पुस्तकालयाध्यक्ष, और डॉ. अज़ीम खान बी. पठान, प्रोफेसर एवं अधिष्ठाता, विधि संकाय, द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था और एक औपचारिक धन्यवाद प्रस्ताव के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।

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