कोरबा। हाल ही में दिल्ली में अमोनियम नाइट्रेट से किये गए आतंकी विस्फोट के कुछ दिनों पहले ही कोरबा में एक वाकया हुआ, जिसमें कलेक्टर कार्यालय परिसर स्थित GST दफ्तर के सामने अफसरों ने 34 टन अमोनियम नाइट्रेट से भरे एक ट्रक को खड़ा करवा दिया। लगभग 24 घंटे से खड़ी इस ट्रक के बारे में जानकारी मिलने पर पत्रकारों ने जब GST के जिम्मेदार अफसरों से सवाल-जवाब किया तब वे बहानेबाजी करते हुए कहने लगे कि उन्हें ट्रक में विस्फोटक होने की जानकारी नहीं थी, जबकि ट्रक चालक के पास मौजूद कागजात में इसका उल्लेख था।

बाद में जब कलेक्टर से इसकी शिकायत की गई तब अफसरों ने आनन-फानन में इस ट्रक को यहां से हटवाया। दिल्ली में अमोनियम नाइट्रेट से हुए विस्फोट के बाद लोगों का ध्यान इस ओर गया और अब इस मामले की शिकायत सीएम से करते हुए गैर जिम्मेदार जीएसटी अफसरों पर कार्यवाही करने की मांग की गई है।

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जीएसटी बिलिंग में गड़बड़ी की थी आशंका

दरअसल यह मामला पिछले दिनों तब प्रकाश में आया जब State GST Circle-2 के अफसरों अनिमोह सिंह बासवार और प्रभाकर उपाध्याय ने जीएसटी बिलिंग में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए 3 ट्रकों को कलेक्ट्रेट परिसर में अपने दफ्तर के सामने खड़ा करवा दिया। इनमे से एक ट्रक में विस्फोटक पदार्थ अमोनियम नाइट्रेट भरा हुआ था। इस संवेदनशील क्षेत्र में ऐसे वाहन को खड़ा करने के मामले में अब भाजपा नेता नियाज़ नूर आरबी ने घोर आपत्ति जताते हुए संबंधित अफसरों के विरुद्ध तत्काल निलंबन एवं FIR दर्ज करने की मांग की है।

वीआईपी एरिया में रखवाया विस्फोटक

मो. नियाज़ नूर आरबी ने अपनी शिकायत में उल्लेख किया है कि जीएसटी के अफसरों ने जानकार होते हुए भी अमोनियम नाइट्रेट से भरे 34 टन ट्रक का निर्धारित सुरक्षित मार्ग (Route) बदलकर उसे कलेक्टोरेट परिसर में खड़े रहने दिया। अमोनियम नाइट्रेट जैसे अत्यंत संवेदनशील एवं विस्फोटक क्षमता वाले पदार्थ का रूट बदलना सुरक्षा प्रोटोकॉल का गंभीर उल्लंघन है। यह ट्रक लगभग 24 घंटे तक उस परिसर में खड़ा रहा, जहां मंत्रीगण, वरिष्ठ अधिकारी, न्यायालय से जुड़े अधिवक्ता, आम नागरिक तथा पूरा जिला प्रशासन निरंतर आवाजाही करता है। यदि कोई अनहोनी हो जाती, तो जनहानि का स्तर अकल्पनीय होता। यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि हज़ारों लोगों की सुरक्षा से सीधा खिलवाड़ है। यह महज संयोग है कि मीडिया कर्मियों ने इस ओर कलेक्टर का ध्यान दिलाया और उन्होंने मामले में संज्ञान लिया।

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नियाज़ नूर ने मांग की है कि इतनी गंभीर घटना में शामिल अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए तथा उनके विरुद्ध FIR दर्ज कर सख़्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की सुरक्षा विफलताएं दोबारा न हों। साथ ही, नूर ने इस प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है, ताकि सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन और अधिक दृढ़ता से सुनिश्चित किया जा सके।

पूर्व में भी हो चुकी है इन अफसरों की शिकायत

दरअसल जीएसटी से जुड़े इन अफसरों की पूर्व में भी यहां के व्यापारी शिकायत कर चुके हैं। इन पर आरोप है कि ये अफसर रिश्वत की लालच में व्यापारियों को अक्सर तंग करते हैं। मामले की शिकायत वित्त मंत्री ओपी चौधरी से भी की गई है। बताया जाता है कि यह वाकया भी रिश्वतखोरी के चक्कर में हुआ है, जिसके फेर में इन अफसरों ने यह ध्यान भी नहीं रखा कि एक ट्रक में टनों की मात्रा में विस्फोटक लदा हुआ है।

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दरअसल इस विस्फोटक का इस्तेमाल कोरबा जिले में स्थित कोयला खदानों में किया जाता है और इसे बड़ी ही सावधानी से आबादी से दूर स्टोर करके रखा जाता है। इसकी जानकारी होने के बावजूद जीएसटी के अफसरों ने जिस तरह की लापरवाही की उसकी जांच और कार्यवाही तो होनी ही चाहिए।