टीआरपी डेस्क। Naxal Resistance Day : नक्सली कमांडर हिडमा की मौत के बाद नक्सलियों की केंद्रीय कमेटी के प्रवक्ता अभय ने एक पत्र जारी किया है। पत्र के मुताबिक हिडमा समेत 6 नक्सलियों के मारे जाने के बाद 23 नवंबर को प्रतिरोध दिवस मनाने का फैसला लिया गया है।

18 नवंबर को हुई थी मुठभेड़

18 नवंबर 2025 को छत्तीसगढ़-आंध्र प्रदेश की सीमा पर नक्सलियों और जवानों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने खूंखार नक्सल कमांडर हिड़मा समेत 6 नक्सली ढेर कर दिया। इन 6 नक्सलियों की मौत के बाद नक्सलियों की केंद्रीय कमेटी ने आंदोलन करने की बात कही है।

इससे पहले तक नक्सली अपना विरोध नक्सल ‘बंद’ के जरिए जताते थे, लेकिन इस बार नक्सलियों ने प्रतिरोध दिवस मनाने का ऐलान किया है।

नक्सलियों ने पत्र में क्या लिखा ?

अभय का दावा है कि “हिड़मा इलाज के लिए विजयवाड़ा गया था, जहां उसे पकड़कर सरेंडर कराने की कोशिश की गई। सुरक्षा बल हिड़मा को जीवित सरेंडर कराना चाहते थे लेकिन असफल होने पर उसे और उसके साथ मौजूद 6 अन्य नक्सलियों को मार दिया गया।”

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Naxal Resistance Day : नक्सलियों के केंद्रीय कमेटी का कहना है कि हिड़मा की मौत सिर्फ एक ऑपरेशन का हिस्सा नहीं, बल्कि शीर्ष नेतृत्व को खत्म करने की एक बड़ी रणनीति है। प्रेस नोट में नक्सलियों ने पुलिस पर मानवाधिकार उल्लंघन के भी आरोप लगाए हैं और जनता से ‘विरोध दिवस’ में शामिल होने की अपील की है।