Deaths in Custody : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और उन राज्य सरकारों को फटकार लगाई, जो सुप्रीम कोर्ट के साल 2020 के उस आदेश का पालन करने में विफल रही हैं, जिसके तहत सभी पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया था।

“सरकार सुको को हल्के में ले रही है”

कानूनी मामलों की वेबसाइट बार एंड बेंच के मुताबिक, जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की बेंच ने कहा कि हिरासत में होने वाली मौतें व्यवस्था पर एक धब्बा हैं और ऐसा लगता है कि केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट को काफी हल्के में ले रही है क्योंकि उसने पुराने आदेशों के तहत एक अनुपालन हलफनामा भी दायर नहीं किया है।

कोर्ट ने CCTV को लेकर दिया था ये आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने परमजीत सिंह सैनी बनाम बलजीत सिंह मामले में निर्देश दिया था कि देशभर के सभी पुलिस थानों में ऐसे सीसीटीवी कैमरे लगे होने चाहिए, जिनमें रात में भी रिकॉर्ड करने की क्षमता हो। इसका पालन ना होने पर सुप्रीम कोर्ट ने इस साल स्वत: संज्ञान लेकर दोबारा इस मामले में सुनवाई शुरू की थी।

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सरकारों ने पेश नहीं किया हलफनामा

कोर्ट ने अक्टूबर में निर्देश दिया था कि सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश इस मामले में अनुपालन हलफनामा दायर करें। हालांकि, सिर्फ 11 राज्यों ने ही इस निर्देश का पालन किया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई तो केंद्र सरकार ने हलफनामा दायर करने के लिए तीन हफ्ते का समय मांगा। अब सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और बाकी बचे राज्यों को अनुपालन हलफनामा दायर करने के लिए और तीन हफ्ते तक का समय दिया है।