टीआरपी डेस्क। Repo Rate Cut Impact : भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के चेयरमैन सीएस शेट्टी ने बताया कि बैंक को अगले हफ्ते नीतिगत ब्याज दर में 0.25% कटौती होने की स्थिति में भी अपना 3% शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) का लक्ष्य हासिल करने में कोई कठिनाई नहीं होगी। शेट्टी ने एक साक्षात्कार में कहा कि RBI रेपो रेट पर अगले हफ्ते कठिन निर्णय लेगा, लेकिन अनुमान है कि यदि कटौती होती भी है, तो यह 0.25% की मामूली कमी होगी, जिसका लक्ष्य पर बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि विकास दर उच्च स्तर पर बनी हुई है और बैंक को दूसरी तिमाही में GDP 7.5% और चालू वित्त वर्ष में 7% रहने की उम्मीद है। ऊंची विकास दर पर रेट कट करना चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन कम महंगाई यह संकेत देती है कि रेपो रेट में कटौती की गुंजाइश मौजूद है। SBI चेयरमैन ने कहा कि बैंक के पास NIM को स्थिर रखने के कई उपाय हैं।
इन उपायों में नगद आरक्षित अनुपात (CRR) में 1% कटौती का पूरा लाभ, पहले उच्च दरों पर की गई FD का पुनर्मूल्यांकन और बैंक खाते की 0.2% दर में कमी शामिल है। उन्होंने बताया कि बैंक की केवल 30% परिसंपत्तियां रेपो रेट से संबद्ध हैं, इसलिए दर कटौती का प्रभाव सीमित रहेगा।
Repo Rate Cut Impact : शेट्टी ने यह भी कहा कि सितंबर तिमाही में SBI ने NIM को 0.03% बढ़ाकर 2.93% कर लिया था और इसी आधार पर बैंक को भरोसा है कि चालू वित्त वर्ष के अंत तक NIM 3% से ऊपर बना रहेगा।


