टीआरपी डेस्क। दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता एक बार फिर गंभीर स्थिति में पहुंच गई है। शुक्रवार सुबह 6 बजे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 384 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। कई इलाकों में स्थिति और भी बिगड़ गई है, जिससे लोगों में चिंता बढ़ गई है।

बढ़ते प्रदूषण को लेकर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा कि साफ हवा और साफ पानी हर नागरिक का बुनियादी अधिकार है, लेकिन दिल्ली सहित उत्तर भारत की हवा जानलेवा होती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाधान देने के बजाय सरकार जनता से टैक्स वसूलने में जुटी है।

केजरीवाल ने एयर और वॉटर प्यूरीफायर पर लगे 18 प्रतिशत जीएसटी को तुरंत हटाने की मांग की। उनका कहना है कि लोग अपने परिवार को प्रदूषण से बचाने के लिए प्यूरीफायर खरीदने जाते हैं, लेकिन उस पर भारी टैक्स लगाया जा रहा है, जो आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ है। उन्होंने केंद्र से अपील की कि यदि समाधान नहीं दे सकते तो कम से कम जनता की जेब पर बोझ बढ़ाना बंद करें।

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दिल्ली के 39 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 19 पर शुक्रवार को वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज की गई। नोएडा में हालात सबसे खराब रहे, जहां लगभग सभी स्टेशनों का एक्यूआई गंभीर स्तर पर पहुंच गया। ग्रेटर नोएडा में एक्यूआई 380, गाजियाबाद में 351 और गुरुग्राम में 318 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आते हैं। यह स्थिति ऐसे समय में बनी है जब दो दिन पहले ही दिल्ली में GRAP-III के तहत लगाए गए प्रतिबंध हटाए गए थे।

विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम स्थितियों, पराली जलाने और वाहनों के उत्सर्जन में बढ़ोतरी ने मिलकर प्रदूषण स्तर को और बिगाड़ा है। अधिकारियों ने लोगों को एहतियात बरतने और आवश्यकता न होने पर बाहर जाने से परहेज करने की सलाह दी है।