टीआरपी डेस्क। कर्नाटक कांग्रेस में चल रही खींचतान के माहौल में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मुलाकात की। दोनों नेता सिद्धारमैया के घर पर नाश्ते पर मिले और इसके बाद बेंगलुरु में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। सिद्दरमैया ने साफ कहा कि उनके और शिवकुमार के बीच किसी तरह का मतभेद नहीं है और आगे भी नहीं होगा।

सिद्धारमैया के मुताबिक बातचीत का फोकस 2028 विधानसभा चुनाव और स्थानीय निकाय चुनाव रहे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को दोबारा सत्ता में लाने के लिए दोनों साथ मिलकर काम करेंगे। हाईकमान के फैसलों को मानने पर भी दोनों एकमत दिखे। सिद्धारमैया ने ये भी कहा कि जो भ्रम पैदा हुआ है, वह कुछ मीडिया रिपोर्टों की वजह से है, जबकि पार्टी नेतृत्व के भीतर सबकुछ स्पष्ट है।

उन्होंने BJP और JDS पर भी निशाना साधा। उनके शब्दों में, दोनों दल झूठे आरोपों के सहारे माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं और अविश्वास प्रस्ताव की चर्चा भी उसी का हिस्सा है। सिद्दरमैया ने कहा कि उनके पास 140 विधायक हैं, जबकि विपक्ष की संख्या मुकाबले लायक नहीं है।

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मंत्रिपद की चाहत से जुड़े सवालों पर उन्होंने कहा कि कुछ विधायक दिल्ली हाईकमान से मिलने जरूर गए, लेकिन इसका मतलब नेतृत्व से असहमति नहीं है। कई विधायकों ने खुद उनसे बात कर इसकी वजह बताई है।

उधर, डीके शिवकुमार ने भी स्पष्ट किया कि सरकार पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने कहा कि राज्य के लोग कांग्रेस को मजबूत समर्थन दे रहे हैं और सरकार अपनी जिम्मेदारियों पर फोकस कर रही है। हाईकमान जो भी तय करेगा, वे उसी के साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने दोहराया कि वह सिद्दरमैया के साथ हैं और दोनों मिलकर काम कर रहे हैं।

सीएम पद को लेकर चल रही चर्चाओं पर शिवकुमार ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ही अंतिम फैसला करता है। उन्होंने भरोसा जताया कि 2028 में कांग्रेस फिर सत्ता में आएगी और 2029 में भी पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से आगे बढ़ेगी। दोनों नेताओं ने आज की बैठक में 2028 चुनाव की शुरुआती रणनीति और विपक्ष से निपटने के तरीकों पर चर्चा की।

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