Adulterated Eggs : ठंड शुरू होने के साथ ही अंडों की खपत बढ़ जाती है। ऐसे में मिलावटी अंडा बनाकर बेचने वाला गिरोह भी सक्रिय हो गया है। मुरादाबाद में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक गोदाम पर छापा मारकर 4.53 लाख रंगे अंडे जब्त किए। यहां कृत्रिम रंग से सफेद अंडों को देसी अंडे बनाकर बेचा जा रहा था। कत्था, चायपत्ती और सिंदूर का इस्तेमाल रंगने के लिए किया जा रहा था। गोदाम को सील कर दिया गया है और संचालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
बड़े पैमाने पर हो रहा था फर्जीवाड़ा
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर के रामपुर दोराहा बरवारा मझरा में कृत्रिम रंग लगाकर देसी अंडा बनाने वाले गोदाम पर छापा मार दिया। गोदाम में कुल 4.53 लाख रंगे अंडे, 3.56 लाख सफेद अंडे, जिन्हें रंगने के लिए रखा गया था को सीज कर दिया।
रेकी के बाद किया मिलावटखोरों का भंडाफोड़
अंडों का अनुमानित कीमत करीब 3.89 लाख रुपये बताई गई। टीम ने गोदाम को सील कर दिया। अंडा गोदाम पर सुबह तीन बजे कार्रवाई की गई थी। अंडो को कत्था, चायपत्ती और सिंदूर के घोल से रंगा जा रहा था। टीम पिछले 15 दिन से गोदाम की रेकी कर रही थी।
गोदाम के अंदर की जा रही थी रंगाई की प्रक्रिया
छापे में गोदाम में बड़ी संख्या में सफेद अंडों को कृत्रिम रंग (आर्टिफिशियल रंग) से रंगकर उन्हें देसी अंडों जैसा रूप दिया जा रहा था।
रंगाई की प्रक्रिया गोदाम के अंदर ही खुले में की जा रही थी। खाद्य गुणवत्ता मानकों का कोई पालन नहीं किया जा रहा था। अधिकारियों ने मौके पर रंगे हुए अंडे, रंगाई में उपयोग होने वाला रंग और सफेद अंडों का ढेर बरामद किया जो, रंगे जाने के लिए तैयार रखे गए थे। मौके से मिले रासायनिक पदार्थों कत्था, चायपत्ती और सिंदूर को जब्त कर लिया।
महंगे दर पर बिकता है देशी अंडा
बता दें कि इन दिनों बाजार में एक सफेद अंडा आठ से नौ रुपये और देसी अंडा 20 रुपये में बेचा जा रहा है। जाता सोचिए लाखों अंडों को देशी बनाकर बेचने वालों का यह गिरोह कितनी कमाई करता रहा होगा।

इस मिलावट का भी स्वास्थ्य पर पड़ सकता है असर
सहायक आयुक्त खाद्य टीम के अनुसार, आर्टिफिशियल रंग से अंडों की सतह को देसी अंडों जैसा रंग देने का यह तरीका अवैध है। इससे ग्राहकों के स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं। शरीर में जाने पर संक्रमण, एलर्जी, पेट संबंधी समस्याओं होने की संभावना रहती है। गोदाम को सील करने के बाद टीम ने गोदाम संचालक के विरुद्ध कटघर थाने में तहरीर दे दी गई है। जिसके आधार पर पुलिस ने केस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
किन दुकानों पर बिके अंडे
जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि इस गोदाम से रंगे हुए अंडे किन दुकानों में सप्लाई किए जा रहे थे, ताकि पूरी सप्लाई चैन को चिन्हित किया जा सके। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, देसी अंडे सफेद अंडों की तुलना में महंगे बिकते हैं। इस वजह से कुछ कारोबारी मुनाफे के लालच में आर्टिफिशियल रंग लगाकर उपभोक्ताओं को धोखा दे रहे हैं।


