नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (Indo-Tibetan Border Police) के महानिदेशक प्रवीण कुमार को बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) के महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। यह जिम्मेदारी वह 30 नवंबर 2025 से संभालेंगे। वर्तमान BSF DG दलजीत सिंह चौधरी इसी दिन सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनके रिटायरमेंट के बाद नए DG की नियुक्ति तक प्रवीण कुमार बीएसएफ की कमान भी संभालेंगे।

कौन हैं IPS प्रवीण कुमार?

प्रवीण कुमार 1993 बैच के पश्चिम बंगाल कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। दो दशकों से अधिक समय तक उन्होंने खुफिया ब्यूरो (IB) में महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। 1 अक्टूबर 2025 को उन्हें ITBP महानिदेशक बनाया गया था। उनके पास इंटेलिजेंस, फील्ड ऑपरेशन और स्ट्रैटेजिक सुरक्षा प्रबंधन का गहरा अनुभव है। यही वजह है कि सरकार ने उन पर BSF जैसी बड़ी फोर्स की अतिरिक्त कमान का भरोसा जताया है।

बता दें कि बीएसएफ देश के सबसे बड़े सीमा-रक्षक बलों में से एक है, जो पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगी सीमाओं की सुरक्षा करता है। इस फोर्स का DG देश की सुरक्षा व्यवस्था में बेहद अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में प्रवीण कुमार को डुअल चार्ज देना सरकार के भरोसे को दिखाता है।

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BSF का संक्षिप्त इतिहास

बीएसएफ को 1 दिसंबर 1965 को आधिकारिक तौर पर स्थापित किया गया था। इससे पहले सीमाओं की सुरक्षा राज्य आर्म्ड पुलिस फोर्स संभालती थी। 1965 में पाकिस्तान द्वारा कच्छ क्षेत्र के सरदार पोस्ट, छार बेट और बेरिया बेट पर हमले के दौरान राज्य पुलिस की सीमाएँ उजागर हुईं। इसके बाद केंद्र सरकार ने एक सेंट्रली कंट्रोल्ड, बेहतर उपकरणों और उच्च प्रशिक्षण वाली फोर्स की आवश्यकता को महसूस किया। सचिवों की समिति की सिफारिश पर एक समर्पित बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) की स्थापना की गई।