टीआरपी डेस्क। योग गुरु बाबा रामदेव की पतंजलि कंपनी पर घटिया घी बेचने का आरोप लगा है, और इसी मामले में पिथौरागढ़ की एडीएम कोर्ट ने निर्माता और वितरक पर कुल 1.40 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। मामला 2020 में लिए गए पतंजलि गाय के घी के सैंपल के फेल होने से जुड़ा है।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, अक्टूबर 2020 में लिए गए सैंपल पहले राज्य लैब में फेल हुए। बाद में कारोबारियों की मांग पर 2021 में इन्हें केंद्र सरकार की रेफरल लैब भेजा गया, जहां 2022 में सैंपल दोबारा फेल पाए गए। इसके बाद फरवरी 2022 में केस दायर हुआ और 19 नवंबर 2024 को कोर्ट ने फैसला सुनाया।
इस कार्रवाई के बाद पतंजलि ने एक्स पर बयान जारी कर कोर्ट के आदेश को त्रुटिपूर्ण बताया। कंपनी ने तर्क दिया है कि….
- रेफरल लैब को गाय के घी की जांच के लिए मान्यता ही नहीं थी, इसलिए उसका परीक्षण मान्य नहीं माना जाना चाहिए।
- जिन नियमों के आधार पर घी को असफल घोषित किया गया, वे उस समय लागू ही नहीं थे।
- दोबारा परीक्षण घी की एक्सपायरी डेट निकलने के बाद किया गया, जिससे रिपोर्ट स्वाभाविक रूप से अवैध हो जाती है।
पतंजलि का कहना है कि कोर्ट ने इन तर्कों पर विचार नहीं किया, इसलिए कंपनी अब फूड सेफ्टी ट्राइब्यूनल में अपील दायर कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि फैसले में कहीं नहीं बताया गया कि घी स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है, सिर्फ RM Value में हल्का अंतर मिला है, जो उनके अनुसार प्राकृतिक कारणों से होता है और गुणवत्ता को प्रभावित नहीं करता।
कंपनी ने दावा किया कि RM Value मौसम, पशुओं के आहार और क्षेत्रीय परिस्थितियों के हिसाब से बदलता है, और FSSAI भी समय-समय पर इसमें बदलाव करता आया है। पतंजलि का कहना है कि वे पूरे देश से दूध और घी कठोर मानकों के आधार पर खरीदते हैं और राष्ट्रीय स्तर पर उत्पाद बेचते हैं।


