टीआरपी डेस्क। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की अंतिम तारीख 4 दिसंबर नजदीक है, लेकिन लाखों मतदाता अब भी एन्यूमरेशन फॉर्म नहीं भर पाए हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या समय पर फॉर्म न भरने पर वोटर लिस्ट से नाम हट सकता है या बाद में इसे जोड़ने के लिए कोई पेनाल्टी देनी होगी। चुनाव आयोग ने इन शंकाओं को स्पष्ट कर दिया है।

पश्चिम बंगाल में SIR फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 4 दिसंबर निर्धारित है, लेकिन यदि इस दौरान किसी मतदाता का नाम नहीं जुड़ पाता है तो चिंता की आवश्यकता नहीं है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि फॉर्म न भरने पर किसी भी प्रकार का जुर्माना या कानूनी दंड नहीं लगेगा।

यदि 9 दिसंबर को जारी होने वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में आपका नाम दिखाई नहीं देता है, तो भी घबराने की जरूरत नहीं है। जनवरी 2026 तक क्लेम-ऑब्जेक्शन अवधि के दौरान आप अपना नाम दोबारा जुड़वा सकते हैं।

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यदि आपका नाम पिछली वोटर लिस्ट में था, लेकिन SIR फॉर्म न भर पाने या BLO के संपर्क में न आ पाने की वजह से सूची में अपडेट नहीं हुआ है, तो आपके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि, सत्यापन के लिए नोटिस जारी किया जा सकता है।

ड्राफ्ट लिस्ट से नाम गायब होने पर इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर जांच कर सकता है और स्पष्टीकरण के लिए नोटिस भेज सकता है। ऐसे मामलों में जनवरी 2026 तक आप फॉर्म भरकर अपनी जानकारी जमा कर सकते हैं। आवश्यकता होने पर इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया की वेबसाइट से फॉर्म 6 के माध्यम से भी नाम जुड़वाया जा सकता है।

यदि आप 9 दिसंबर के बाद आवेदन करते हैं तो आपकी योग्यता की पुष्टि के लिए सुनवाई में उपस्थित होना आवश्यक होगा। इसमें शामिल न होने या आवश्यक दस्तावेज पेश न कर पाने पर नाम फाइनल लिस्ट से हटाया जा सकता है। वहीं, सत्यापन सफल रहने पर नया वोटर पहचान पत्र जारी किया जा सकता है।

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ये प्रावधान केवल उन मतदाताओं पर लागू होंगे जिनका नाम पिछली वोटर लिस्ट में मौजूद था। नए मतदाताओं के लिए प्रक्रिया अलग है।