बिलासपुर। आत्मानंद शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालक सरकंडा में परीक्षा के दौरान हुई गड़बड़ी के चलते इस बार एक प्रतियोगी छात्र का भविष्य दांव पर लग गया है।रविवार को व्यापम की हैंडपंप टेक्नीशियन भर्ती परीक्षा का केंद्र इस स्कूल को भी बनाया गया था। व्यापम की गोपनीयता नियमों के अनुसार हर उत्तर पुस्तिका पर सुरक्षा स्टिकर अनिवार्य रूप से लगाया जाता है लेकिन न केंद्र अध्यक्ष और न ही पर्यवेक्षक ने इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया का यहां पालन किया।

जब कॉपी वैल्यूएशन के लिए पहुंची, तो स्टिकर न होने के कारण उसे संदिग्ध मानकर मूल्यांकन रोक दिया गया। व्यापम के अनुसार यह बिलासपुर में पहला मामला है, जब बिना स्टिकर की कॉपी के कारण मूल्यांकन बीच में रोकना पड़ा।

इस घटना के सामने आते ही व्यापम ने एक पत्र कलेक्टर को भेजकर विस्तृत जांच का अनुरोध किया। कलेक्टर ने इसे गंभीर चूक मानते हुए मामला नोडल अधिकारी डिप्टी कलेक्टर शिव कंवर को जांच के लिए सौंप दिया।

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कंवर ने कहा है कि केंद्र अध्यक्ष को व्यापम के सामने उपस्थित होकर बताना होगा कि बिना स्टिकर के कॉपी कैसे स्वीकार हुई। यह गलती अनजाने में हुई या किसी विशेष छात्र को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से, इसकी जांच की जा रही है।

बता दें कि सात महीने पहले इसी केंद्र पर पीडब्ल्यूडी सब इंजीनियर व्यापम परीक्षा में हाइटेक गैजेट्स के जरिए नकल कराने का मामला उजागर हुआ था।