टीआरपी डेस्क। बिहार की नई सरकार के गठन के बाद विधानसभा अध्यक्ष पद को लेकर जारी चर्चाएं थम गई है। भाजपा के वरिष्ठ विधायक डॉ. प्रेम कुमार सर्वसम्मति से नए विधानसभा अध्यक्ष चुन लिए गए। सदन की अध्यक्षता संभालते हुए प्रेम कुमार ने अपने संबोधन की शुरुआत भगवद गीता के श्लोक से की। उन्होंने कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, वह पूरी गंभीरता और निष्पक्षता से निभाई जाएगी। उनके अनुसार अध्यक्ष का कर्तव्य सिर्फ सदन को चलाना ही नहीं, बल्कि विचारों की विविधता के बीच संवाद को बढ़ावा देना और सभी सदस्यों के अधिकारों की रक्षा करना भी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार और विपक्ष, दोनों उनके लिए समान रूप से महत्वपूर्ण होंगे।
नए अध्यक्ष के निर्वाचन के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव स्वयं उन्हें अध्यक्षीय कुर्सी तक लेकर गए। नीतीश कुमार ने पूरे सदन की ओर से उन्हें बधाई दी और नवनिर्वाचित विधायकों को शुभकामनाएं प्रेषित कीं। तेजस्वी यादव ने भी प्रेम कुमार को दिल से शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि वे ज्ञान और मोक्ष की धरती गया का प्रतिनिधित्व करते हैं और उम्मीद जताई कि वे सत्ता और विपक्ष, दोनों को साथ लेकर चलेंगे।
गया टाउन से लगातार नौ बार विधायक चुनकर आए डॉ. प्रेम कुमार बिहार की राजनीति में स्थिरता, अनुभव और भरोसे का चेहरा माने जाते हैं। 1990 से लगातार जीत दर्ज करना उनकी लोकप्रियता और जनता के मजबूत विश्वास का संकेत है। वर्ष 2025 में भी उन्होंने तीसरी बार जीत की हैट्रिक पूरी की, जो उनके राजनीतिक कद को और मजबूती देती है।
69 वर्षीय प्रेम कुमार का प्रशासनिक अनुभव भी उल्लेखनीय है। वे कृषि, पशुपालन, पर्यटन, सहकारिता, आपदा प्रबंधन और पर्यावरण जैसे कई महत्वपूर्ण विभागों का सफल नेतृत्व कर चुके हैं।



