टीआरपी डेस्क। पिछले दो दिनों से चल रही यात्रियों की परेशानी को देखते हुए DGCA ने रोस्टर से जुड़े उस आदेश को वापस ले लिया है, जिसने एयरलाइन्स कंपनियों की समस्या बढ़ा दी थी। बता दें कि 20 जनवरी 2025 को जारी DGCA के आदेश में कहा गया था कि क्रू अपने साप्ताहिक आराम के बदले किसी छुट्टी का इस्तेमाल नहीं कर सकते। सरल भाषा में कहें तो, क्रू को एक तय आराम मिलना ही चाहिए और उस जगह छुट्टी जोड़कर उसे समायोजित नहीं किया जा सकता। मगर अब इस नियम को वापस ले लिया गया है।

DGCA ने फैसला क्यों बदला?

नियामक के पास कई एयरलाइनों ने इस नियम से छूट मांगते हुए आवेदन भेजे थे। इसके अलावा देशभर में उड़ानें रुकने और देरी के चलते परिचालन चरमराने लगा था। DGCA को लगा कि स्थिति सामान्य रखने के लिए इस नियम की समीक्षा जरूरी है, खासकर तब जब इंडिगो जैसे बड़े नेटवर्क में परेशानी बढ़ रही है।

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इंडिगो का रोस्टर क्राइसिस क्या है?

इंडिगो का दावा है कि तकनीकी दिक्कतों, खराब मौसम और नए रोस्टरिंग नियमों ने मिलकर उनकी उड़ानों पर दबाव बढ़ा दिया। 1 नवंबर से लागू नए FDTL (फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन) नियमों ने पायलटों के काम के घंटे सीमित कर दिए और आराम की अवधि बढ़ा दी। इस वजह से एयरलाइन के पास उपलब्ध क्रू कम पड़ने लगा।

FDTL के नियम

  • हफ्ते में अनिवार्य आराम 48 घंटे तक बढ़ाया गया
  • रात की ड्यूटी का दायरा बढ़ाया गया
  • एक सप्ताह में रात के दौरान छह के बजाय केवल दो लैंडिंग की अनुमति
  • आधी रात से सुबह 6 बजे तक पायलट कितनी बार उड़ान उतार सकता है, इसकी सख्त सीमा तय की गई

नियामक ने पायलट संघों को पत्र लिखकर सहयोग की अपील की है। DGCA का कहना है कि उनकी प्राथमिकता यात्री सुरक्षा और स्थिर उड़ान संचालन है। नियामक ने एयरलाइनों और पायलटों दोनों से समन्वय की मांग की है ताकि देशभर में हो रही देरी और कैंसिलेशन की समस्या से लोगों को राहत मिल सके।

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