टीआरपी डेस्क। इंडिगो एयरलाइंस पिछले कई दिनों से अव्यवस्थाओं के दौर से गुजर रही है। 2 दिसंबर से शुरू हुई फ्लाइट कैंसिलेशन की समस्या थम नहीं रही। रोजाना 500 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो रही हैं। इसके बावजूद इंडिगो की टिकटें लगातार बिक रही हैं, वो भी कई रूटों पर सामान्य से तीन गुना ज्यादा कीमत पर. सवाल ये है कि इतनी अव्यवस्था के बीच लोग टिकट क्यों खरीद रहे हैं?
असल वजह ये है कि इंडिगो ने अपनी सभी उड़ानें बंद नहीं की हैं। कंपनी हर दिन 2,200 से ज्यादा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स चलाती है और उनमें से बड़ी संख्या अभी भी समय पर उड़ान भर रही है।
टिकट क्यों बिक रही हैं?
DGCA के निर्देशों के बाद इंडिगो ने चुनिंदा एयरपोर्ट और तारीखों पर ही उड़ानें रद्द की हैं। शुक्रवार को कैंसिलेशन सबसे ज्यादा रहा, जब दिल्ली सहित कई जगहों पर 1000 से अधिक उड़ानें नहीं उड़ सकीं। लेकिन कोलकाता, गुवाहाटी, चेन्नई और दूसरे नॉन-मेट्रो शहरों में इंडिगो का संचालन लगभग सामान्य है। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन होने के कारण लोग इसी पर भरोसा कर रहे हैं।
पिछले पांच दिनों में इंडिगो ने रिकॉर्ड स्तर पर उड़ानें रद्द की हैं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई। इसी को देखते हुए DGCA ने अपने रोस्टर वाले आदेश को वापस ले लिया।
आज फिर उड़ानें क्यों रद्द हुईं?
कंपनी की ओर से बताया गया है कि कई दिनों की अव्यवस्था के बाद पूरा सिस्टम बिगड़ गया था। शेड्यूल को दोबारा दुरुस्त करने और ऑपरेशन को स्थिर करने के लिए आज भी कुछ उड़ानें रोकनी पड़ीं। इसे वे ‘सिस्टम रिबूट’ कह रहे हैं।
सेवाएं कब सामान्य होंगी?
इंडिगो भारतीय एविएशन मार्केट का करीब 60 फीसदी हिस्सा संभालता है। इसलिए इसकी उड़ानें रद्द होते ही पूरा सिस्टम प्रभावित हो जाता है और किराए अचानक बढ़ जाते हैं। अनुमान है कि 10 से 15 दिसंबर के बीच सेवाएं फिर से सामान्य हो सकती हैं।
टिकट के दाम क्यों बढ़े?
जब फ्लाइटें कम हो जाती हैं और यात्री ज्यादा, तो किराया तेजी से ऊपर जाता है। दिल्ली समेत लगभग सभी व्यस्त रूटों पर किराए तीन गुना तक पहुंच गए हैं।
बुकिंग अभी भी क्यों खुली है?
एविएशन नियमों के मुताबिक, जब तक किसी उड़ान को आधिकारिक रूप से रद्द घोषित नहीं किया जाता, तब तक उसकी टिकट बिक्री रोकी नहीं जाती। इसी कारण इंडिगो की बुकिंग विंडो खुली है और लोग महंगे दाम होने के बावजूद टिकट ले रहे हैं।



