टीआरपी। protest against increase in land guideline rate : छत्तीसगढ़ सरकार ने कुछ दिनों पूर्व प्रदेशभर में जमीन की गाइड लाइन दर में वृद्धि की है। इसके खिलाफ प्रदेशभर में आक्रोश पनपने लगा है। ऐसा ही आक्रोश राजधानी रायपुर में सोमवार को सुभाष स्टेडियम के समक्ष पूर्व प्रधानमंत्री स्व.राजीव गांधी की प्रतिमा के समीप दिखाई दिया।
पंजीयन निवारण संगठन रायपुर छत्तीसगढ़ के दलजीत सिंह चावला के नेतृत्व में मोतीबाग चौक पर गाइड लाइन दर और पंजीयन राशि में वृद्धि के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया गया। संगठन के सदस्यों को समर्थन देने कांग्रेस पार्टी के अनेक नेता पहुंचे और संबोधित करते हुए इस निर्णय को तानाशाही पूर्ण रवैया बताया।
दर लागू करने किया बड़ा खेल
धरने को संबोधित करते हुए पूर्व महापौर एजाज ढेबर ने गाइड लाइन दर में वृद्धि किए जाने को एक बड़ा खेल करार दिया। उन्होंने कहा कि इसे लागू करवाने के लिए अधिकारियों के साथ मिलकर बड़ा लेनदेन किया गया है। इससे आम जनता पर काफी बोझ पड़ेगा। रजिस्ट्री कराने के लिए दुगना-तिगुना खर्च करना पड़ेगा। पहले भाजपा ने बिजली बिल में 400 यूनिट तक दिए जाने वाले हाफ बिल की क्षमता को घटाकर 100 यूनिट करके जनता के साथ धोखा किया। जब लोगों का आक्रोश फूटने लगा तब उसे 200 यूनिट तक हाफ बिल की घोषणा करनी पड़ी। जैसे बच्चे छुपाछुपी का खेल खेलते हैं, वैसे ही भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री खेल रहे हैं। आम जनता भाजपा सरकार की हकीकत को समझ चुकी है।
तानाशाही रवैया
पूर्व महापौर प्रमोद दुबे ने कहा कि भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री ओपी चौधरी आम जनता के साथ तानाशाही रवैया अपना रहे हैं। प्रदेशभर में जब विरोध की आग फैली है तो गाइड लाइन दर में आंशिक फेरबदल करने की घोषणा करके जनता को बरगलाने की कोशिश की जा रही है। जनता के साथ भाजपा सरकार ने छल किया है। धरने को पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, संजीव शुक्ला, पप्पू बंजारे सहित अनेक कांग्रेसी नेताओं ने संबोधित किया और गाइड लाइन दर में बढ़ोतरी पर आक्रोश जताया।



