टीआरपी। guideline rates, :नई गाइडलाइन दरों और पंजीयन के नियमों में बदलाव को लेकर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से साय सरकार के दो साल की उपलब्धियों को गिनाया। दरों में वृद्धि को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार जनता के लिए आवश्यक सुधारों के लिए समर्पित है। किसानों को उचित मुआवजा मिले, मिडिल क्लास को सही दर पर होम लोन मिले, नई दरें रियल स्टेट का कारोबार के लिए हितकारी हो और काले धन पर नियंत्रण लगे इसी उद्देश्य के साथ विभिन्न प्रकार के दरों को एक अनुपात में लाने का प्रयास इन रिफॉर्म्स के माध्यम से किया गया है।
उन्होंने कहा कि पिछले दो साल में सरकार ने जनहित में पंजीयन और राजस्व संबंधित नियमों में बड़ा बदलाव किया है। उन्होंने कहा कि दरों में बदलाव करते हुए सिंचित-असिंचित जमीन के दरों के अंतर को स्पष्ट किया गया है, जिससे कि सिंचित भूमि के दाम बढ़ेंगे। साथ ही असिंचित भूमि के दर अब 20 प्रतिशत कम होंगे। रजिस्ट्री प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया और 30 साल तक पुराने दस्तावेजों को स्कैन कर डिजिटल किया गया है।
उन्होंने बताया कि रजिस्ट्री के दौरान गवाहों की पहचान आधार से करना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही 1908 के पंजीयन एक्ट में भी कई बदलाव किया गया है, जिसके अंतर्गत 34 नियमों को सुधारा गया है। पहले गोद लेने वाले पुत्र के लिए नियम थे लेकिन पुत्री के लिए कोई प्रावधान नहीं था। अब इसे संशोधित करते हुए गोद संतान किया गया है। वहीं, पारिवारिक दान और पैतृक संपत्ति में शुल्क को 0.8 प्रतिशत की राशि में राहत देते हुए अब 500 रूपए कर दिया गया है।
नई गाइडलाइन दरों में हुई त्रुटियों के सवालों पर उन्होंने कहा कि सरकार सभी के हित में काम कर रही है। नई दरों के चलते कहीं कोई त्रुटियां सामने आएगी, उसमें सुधार किया जाएगा।


