टीआरपी डेस्क। म्यूचुअल फंड अब आम निवेशकों की पसंद में सबसे ऊपर है, क्योंकि यहां कई सुरक्षित योजनाओं की तुलना में ज्यादा रिटर्न मिलने की संभावना रहती है। आम तौर पर 12 से 14 प्रतिशत तक का अनुमानित रिटर्न देखा जाता है, हालांकि यह पूरी तरह बाजार की चाल पर निर्भर करता है।
अब सवाल ये है कि अगर कोई व्यक्ति हर महीने 4000 रुपये की SIP चलाता है, तो 15 लाख रुपये का लक्ष्य पूरा होने में कितना समय लगेगा?
कैलकुलेशन
- मासिक निवेश: 4000 रुपये
- अनुमानित रिटर्न: 12%
अगर आप हर महीने 4000 रुपये निवेश करते हैं, तो 12 प्रतिशत वार्षिक रिटर्न के हिसाब से लगभग 13 साल में 15 लाख रुपये का फंड तैयार हो जाता है। इस दौरान
- कुल निवेश (मूलधन): 6,24,000 रुपये
- कुल रिटर्न: लगभग 8,80,000 रुपये
- कुल फंड: करीब 15,04,000 रुपये
यानी लंबी अवधि तक नियमित निवेश रखने पर अच्छी राशि तैयार हो सकती है।
सिर्फ रिटर्न नहीं, रिस्क को भी समझें
म्यूचुअल फंड चुनते समय रिटर्न देखने के साथ उसके जोखिम स्तर को समझना भी जरूरी है। इसके लिए कुछ मापदंड उपयोगी होते हैं।
1. Beta
अगर किसी फंड का बीटा 1 से कम है, तो वह कम जोखिम वाला माना जाता है। 1 से अधिक बीटा होने पर फंड ज्यादा उतार-चढ़ाव वाला होता है।
2. Standard Deviation
दो फंडों की तुलना करते समय यह देखा जाता है। कम स्टैंडर्ड डेविएशन का मतलब जोखिम कम।
उदाहरण: अगर एक फंड का SD 5% है और दूसरे का 10%, तो 5% वाला फंड कम जोखिम वाला माना जाएगा।
3. Sharpe Ratio
इससे पता चलता है कि फंड आपको लिए गए जोखिम के मुकाबले कितना रिटर्न दे रहा है।
- 1.00 से कम: कम जोखिम
- 1.00 से 1.99: सामान्य जोखिम
- 2.00 से 2.99: ज्यादा जोखिम
- 3.00 से ऊपर: बहुत ज्यादा जोखिम



