टीआरपी। Vande Mataram : राष्ट्र गीत वंदे मातरम् की 150वी वर्षगाँठ पर दिल्ली में संसद में हुई चर्चा में छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव के सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा है कि राष्ट्र हमारे लिए मातृभूमि है और उनके लिए मात्र भूमि है।


लोकसभा में वन्दे मातरम् पर चर्चा करते हुए कहा कि स्वतंत्रता की लड़ाई में वंदे मातरम् ने युवाओं में प्राण फूँकने का काम किया। वंदे मातरम् का अर्थ है माता की आराधना। यह उस माता की आराधना है, जिसकी गोद में हम खेलते हैं और जीवन में आगे बढ़ते हैं।


भाजपा सांसद पाण्डेय ने कहा कि हमारे वेद और ग्रंथों में ऋषियों और संतों ने धरती की आराधना की बात कही है। 1965 के भारत-चीन युद्ध के दौरान संसद में पंडित नेहरू ने कहा था कि अक्साई चीन ऐसी बंजर भूमि है जहाँ घास का एक तिनका भी नहीं उगता। इस पर संसद में भाई महावीर त्यागी ने अपनी टोपी उतारकर अपना गंजा सिर दिखाते हुए कहा कि यहाँ भी एक तिनका नहीं उगता; क्या इसे भी उन्हें दे दें?

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सांसद पाण्डेय ने कहा कि हमारी जन्मभूमि हमारी मातृभूमि है। पूरा देश जानता है कि अक्साई चीन पर चीन के कब्जे को लेकर कांग्रेस की सरकार उदासीन रही। कांग्रेस और नेहरू के लिए देश महज जमीन का एक टुकड़ा था। भारत भूमि पर जन्म लेने के लिए देवता भी तरसते हैं, पर विपक्ष के मन में जन्मभूमि के प्रति कोई भाव नहीं है।


सांसद पांण्डेय ने कहा कि कांग्रेस के नेता कहते थे इंदिरा इज इण्डिया। इनके लिए इंदिरा गांधी ही इंडिया हैं। वन्दे मातरम् के गौरव के प्रति हम सबको जागृत करने की आवश्यकता है। वन्दे मातरम् को जन जन तक पहुँचाया जाए, यही मेरी कामना है।