टीआरपी। film Manav Market :
देशभर में अनेक अस्पतालों में इलाज के नाम पर मरीजों से लाखों रुपये वसूल करने और मृत्यु हो जाने पर अस्पताल का खर्च न चुकाने तक शव को परिजनों को नहीं सौंपने के अनेक मामले उजागर हुए हैं। इसी तरह विविध चेकअप करने के नाम पर लाखों रुपये व्यर्थ में वसूल किए जाते हैं। मरीजों और परिजनों की ऐसी ही परेशानी पर आधारित फिल्म ‘ मानव मार्केट’ का निर्माण किया गया है।

फिल्म के माध्यम से लूट, खसोट, अस्पताल की मनमानी और मरीजों की परेशानी को फिल्माया गया है। फिल्म के निर्माता, निर्देशक और कलाकारों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि छत्तीसगढ़ में निर्मित हिंदी फिल्म को मल्टीप्लेक्स और टाकीजों में जगह नहीं मिल रही है। छत्तीसगढ़ में बनीं फिल्म को रिलीज करने में भेदभाव किया जाा रहा है।

वान्या फिल्म प्रोडक्शन के निर्माता कैलाश अग्रवाल ने बताया कि फिल्म 19 दिसंबर को रिलीज हो रही है, लेकिन राजधानी के मल्टीप्लेक्स और टाकीज मालिक फिल्म को रिलीज करने एक भी शो नहीं दिखा रहे। जबकि, संस्कृति विभाग के अधिकारी दावा करते हैं कि छत्तीसगढ़ में बनीं फिल्मों और सीरियलों को महत्व भी दिया जा रहा और शूटिंग करने सब्सिडी भी दी जाती है। अफसोस की बात है कि छत्तीसगढ़ में बनने वाली फिल्मों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।

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फिल्म के जरिए संदेश


फिल्म में अभिनेता ओम त्रिपाठी ने ईमानदार और नेक ईश्वर कुमार देशलहरे की भूमिका निभाई है। अभिनेत्री नेहा ललिता शुक्ला ने काजल की भूमिका की है जो एक धर्मार्थ अस्पताल खोलने के इरादे से एक गांव जाते हैं। मरीजों की परेशानी और बड़े शहरों में अस्पतालों की मनमानी को देखकर कुछ अच्छा करने का प्रयास करते हैं।