टीआरपी।SIR : देशभर में चलाए जा रहे एसआईआर, मतदाता पुनर्सर्वेक्षण अभियान में चुनाव आयोग ने 27 लाख लोगों के नाम काट दिए हैं। इस पर पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने चुनाव आयोग से पूछा है कि आयोग और सरकार बताएं कि इन 27 लाख लोगों में से कितने घुसपैठिए हैं।
पूर्व संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने कहा है कि चुनाव आयोग द्वारा एसआईआर फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 18 दिसंबर 2025 निर्धारित की थी। लेकिन, निर्धारित तिथि तक बहुत से लोग फॉर्म नहीं भर पाए हैं।
उपाध्याय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 2 करोड़ 12 लाख मतदाता थे। जिसमें से 27 लाख लोगों के नाम कांटे जाने की सूचना आ रही है। जैसा कि हमने पहले ही कहा था कि चुनाव आयोग भारतीय जनता पार्टी की कठपुतलियां की तरह काम कर रही है। और एसआईआर के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी को फायदा पहुंचाना चाहती है।
छत्तीसगढ़ में फॉर्म भरने की तिथि एक महीने के लिए निर्धारित की गई थी जबकि छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सम्मानित अध्यक्ष दीपक बैज ने 3 महीने फॉर्म भरने की अवधि दिए जाने की बात कही थी। लेकिन, हड़बड़ी में चुनाव आयोग छत्तीसगढ़ में एसआईआर कराना चाहता था और वह अपनी मनसा पर सफल हो गया जबकि छत्तीसगढ़ में बहुतायत लोग ऐसे हैं जो सुबह से अपने काम पर निकल जाते हैं और रात में वापस आते हैं। ऐसी स्थिति में कैसे एसआईआर फॉर्म भरते लेकिन चुनाव आयोग को अपनी मनमानी करनी थी।
उपाध्याय ने कहा कि भाजपा के इशारे पर चुनाव आयोग पूर्ण रूप से काम कर रही है। भारतीय जनता पार्टी लगातार घुसपैठियों के नाम पर राजनीति कर रही है लेकिन बिहार में घुसपैठियों का आंकड़े देने से डर रही है।



