सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के करही गांव के 31 वर्षीय दलित मजदूर रामनारायण बघेल की केरल के पलक्कड़ जिले में भीड़ द्वारा बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या किये जाने की घटना के बाद परिजन केरल पहुंच चुके हैं। केरल की कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वे शव लेने से इनकार कर रहे हैं। उन्होंने 25 लाख रुपये मुआवजा, मामले को मॉब लिंचिंग की धाराओं में दर्ज करने, एसआईटी जांच और दोषियों को सख्त सजा की मांग की है।

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने भी उठाया मुद्दा

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने भी यही मांग उठाई है और आरोप लगाया है कि इसे सामान्य अपराध दिखाने की कोशिश हो रही है। केरल राज्य मानवाधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए पलक्कड़ पुलिस से तीन हफ्ते में रिपोर्ट मांगी है। परिवार ने कहा है कि मांगें पूरी होने का ठोस आश्वासन मिले बिना शव नहीं लेंगे। त्रिचूर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शव को लेकर गतिरोध बना हुआ है।

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पांच को किया गया गिरफ्तार

केरल पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, इसमें कुछ का आपराधिक इतिहास है। पूछताछ जारी है और जांच में और लोगों की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है। मामले में हत्या की धारा लगाई गई है।

बेहद गरीब परिवार का था रामनारायण

रामनारायण बघेल सतनामी समाज से था। गांव में छोटी सी जमीन से उसका गुजारा नहीं चल पाता था। छठवीं तक पढ़ाई के बाद वह दिहाड़ी मजदूरी करता था, जहां रोज 200-300 रुपये मिलते थे। घर पक्का करने और 9 तथा 10 साल के दो बेटों को अच्छी शिक्षा देने के इरादे से वे केरल गए, जहां गांव के कुछ लोग पहले से काम कर रहे थे। पहुंचते ही उसने मां को फोन कर बताया कि वह सुरक्षित है और खाना खा चुका है। लेकिन चार दिन बाद ही उसकी जान ले ली गई। उसकी बुजुर्ग मां सदमे में हैं, पत्नी ललिता का सुहाग उजड़ गया और बच्चे अनाथ हो गए हैं। चाचा किशन बघेल से जब पत्रकारों से बात की तो उन्होंने बताया कि रामनारायण मोबाइल नहीं रखता था, बल्कि नंबर कागज पर लिखकर रखता था। इसी से पुलिस ने उसके परिवार से संपर्क किया।

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केरल पहुँचने के 4 दिन बाद हो गई हत्या

रामनारायण परिवार का इकलौता कमाने वाला था। बेहतर कमाई और बच्चों के भविष्य के सपने लेकर वह 13 दिसंबर को केरल गया था, लेकिन 17 दिसंबर को अत्तापल्लम गांव में चोरी के शक और बांग्लादेशी घुसपैठिया समझकर भीड़ ने उसकी जान ले ली। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शरीर पर 80 से अधिक चोटों के निशान मिले हैं, जिसमें गंभीर सिर की चोट और आंतरिक रक्तस्राव मुख्य कारण बताया गया है। घटना का एक वीडियो वायरल हो गया है, जिसमें हमलावर उन्हें बार-बार बांग्लादेशी कहकर पुकारते और मारते दिख रहे हैं।

कांग्रेस ने केरल सरकार पर लगाया आरोप

कांग्रेस ने केरल सरकार पर कानून-व्यवस्था की विफलता का आरोप लगाते हुए तत्काल कार्रवाई और मुआवजे की मांग की है। पार्टी नेता केसी वेणुगोपाल ने इसे शॉकिंग बताते हुए इसकी 2018 के मधु लिंचिंग मामले से तुलना की।

मृतक के परिजन न्याय की आस में

छत्तीसगढ़ में सक्ती कलेक्टर अमृत विकास टोपनो ने बताया कि केरल प्रशासन से लगातार संपर्क है और शव लाने व मुआवजे के लिए प्रयास जारी हैं। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए परिवार को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। परिजन इंसाफ की आस त्रिशूर मेडिकल कॉलेज प्रांगण में डटे हैं, जबकि गांव में मातम पसरा है।

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