टीआरपी। former MLA retaliates against allegations made by the BJP president : केंद्रीय मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा द्वारा नक्सलवाद को लेकर कांग्रेस पर लगाए गए आरोपों ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर तीखी बहस छेड़ दी है। जेपी नड्डा के बयानबाजी पर कांग्रेस के पूर्व संसदीय सचिव व विधायक विकास उपाध्याय ने कड़े शब्दों में पलटवार करते हुए भाजपा को कटघरे में खड़ा किया है। पूर्व विधायक ने आरोप लगाया है कि शहीदों के बलिदान पर राजनीतिक रोटी सेकना भाजपा के एजेंडे में शुरू से शामिल है।


’कांग्रेस को दोष देना तथ्यों से परे’


पूर्व संसदीय सचिव एवं पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि नक्सलवाद को लेकर कांग्रेस को कठघरे में खड़ा करना सरासर तथ्यों से परे और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नक्सलवाद के पनपने और उसे संरक्षण मिलने के लिए यदि कोई जिम्मेदार है, तो उसमें भाजपा की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता।

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’झीरम घाटी कांड का हवाला, भाजपा सरकार की सुरक्षा विफलता उजागर’


पूर्व विधायक उपाध्याय ने झीरम घाटी नक्सल हत्याकांड का उल्लेख करते हुए कहा कि जब यह हृदयविदारक और लोकतंत्र को झकझोर देने वाली घटना घटी। उस समय प्रदेश में भाजपा की ही सरकार थी। परिवर्तन यात्रा के दौरान कांग्रेस पार्टी ने लगातार सुरक्षा की मांग की, लेकिन तत्कालीन भाजपा सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि यह लापरवाही मात्र चूक नहीं, बल्कि गंभीर प्रशासनिक विफलता थी।


’सुरक्षा में चूक का खामियाजा, कांग्रेस ने खोए अपने शीर्ष नेता’

विकास उपाध्याय ने कहा कि सुरक्षा में हुई चूक का परिणाम यह हुआ कि कांग्रेस पार्टी ने अपने कई वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को खो दिया। उस नृशंस हमले में प्रदेश अध्यक्ष से लेकर नेता प्रतिपक्ष तक मौजूद थे। यह केवल कांग्रेस का नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और लोकतांत्रिक व्यवस्था का अपूरणीय नुकसान था, जिसका दंश आज भी छत्तीसगढ़ झेल रहा है।

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’कांग्रेस ने नक्सलवाद के खिलाफ बनाई ठोस और योजनाबद्ध रणनीति’


पूर्व विधायक ने कहा कि कांग्रेस ने नक्सलवाद के खिलाफ केवल बयानबाजी नहीं की, बल्कि सत्ता में रहते हुए ठोस और योजनाबद्ध कदम उठाए। कांग्रेस सरकार के पांच वर्षों के कार्यकाल में नक्सलवाद को खत्म करने के लिए गंभीर रणनीति बनाई गई। विकास और सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित करते हुए संवाद और सख्त कार्रवाई दोनों स्तरों पर काम किया गया।


’नक्सलवाद खत्म करने की वास्तविक प्लानिंग कांग्रेस ने की’


विकास उपाध्याय ने दोहराया कि नक्सलवाद को समाप्त करने की वास्तविक और दूरदर्शी प्लानिंग यदि किसी ने की, तो वह कांग्रेस पार्टी थी, न कि केवल राजनीतिक आरोपों और बयानबाजी तक सीमित रहने वाली भाजपा।


’डबल इंजन सरकार से जवाबदेही की मांग’


पूर्व विधायक उपाध्याय ने कहा कि आज प्रदेश और केंद्र दोनों जगह भाजपा की सरकार है। ऐसे में कांग्रेस पर आरोप मढ़ने के बजाय भाजपा को अपनी वर्तमान जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए। केंद्रीय मंत्री के रूप में जेपी नड्डा का यह दायित्व बनता है कि वे नक्सलवाद जैसे गंभीर विषय पर राजनीति से ऊपर उठकर ठोस और प्रभावी समाधान प्रस्तुत करें।

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’शहीद नेताओं के बलिदान पर राजनीति स्वीकार नहीं’


विकास उपाध्याय ने दो टूक शब्दों में कहा कि कांग्रेस नक्सलवाद के खिलाफ थी, है और रहेगी, लेकिन इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करने और झीरम घाटी के शहीद नेताओं के बलिदान पर राजनीति करने की किसी भी कोशिश को कांग्रेस कभी स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने भाजपा को आत्ममंथन करने और जनता को गुमराह करने के बजाय सच्चाई का सामना करने की नसीहत दी।