टीआरपी डेस्क। देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर जहरीली हवा और कड़ाके की ठंड की दोहरी मार से जूझ रही है। बीते कई दिनों से घना प्रदूषण और कोहरा लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। हालांकि बुधवार सुबह हालात में हल्का सुधार देखने को मिला। प्रदूषण और कोहरे की चादर कुछ हद तक छंटी, लेकिन इसके साथ ही ठंड का असर और तेज हो गया।

हर साल सर्दियों के मौसम में दिल्ली की हवा दमघोंटू हो जाती है और इस बार भी हालात अलग नहीं हैं। मौसम में ठहराव, कम हवा की रफ्तार और प्रदूषण फैलाने वाले कारणों से स्थिति लगातार बिगड़ती रही। कई दिनों तक लोगों को ‘बहुत खराब’ और ‘गंभीर’ श्रेणी की हवा में सांस लेनी पड़ी। बुधवार सुबह प्रदूषण के स्तर में थोड़ी गिरावट जरूर दर्ज की गई, लेकिन हवा अब भी स्वास्थ्य के लिहाज से सुरक्षित नहीं मानी जा सकती।

विशेषज्ञों के अनुसार प्रदूषण में हल्के सुधार के पीछे पहाड़ों पर हुई बर्फबारी, हवा की रफ्तार में बढ़ोतरी और दिनभर खिली धूप अहम कारण रहे। बर्फबारी से ठंड बढ़ी, लेकिन हवा चलने से प्रदूषक कणों में कुछ कमी आई।

See also  फिल्म पंगा का ट्रेलर रिलीज

आज सुबह दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स 355 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। राजधानी के अधिकतर इलाकों में AQI 350 से 400 के बीच बना हुआ है। अलीपुर में AQI 333, आनंद विहार में 374, अशोक विहार में 362, बवाना में 352 और बुराड़ी में 320 दर्ज किया गया। चांदनी चौक में AQI 382 रहा, जबकि द्वारका सेक्टर-8 में 371 और आईजीआई एयरपोर्ट क्षेत्र में अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति के बावजूद AQI 273 रिकॉर्ड किया गया। नेहरू नगर में AQI 399 तक पहुंच गया, जो गंभीर श्रेणी के बेहद करीब है।

दिल्ली से सटे एनसीआर के इलाकों में भी खास राहत नहीं मिली। नोएडा सेक्टर-62 में AQI 302, गाजियाबाद के इंदिरापुरम में 248, लोनी में 272 और वसुंधरा में 377 दर्ज किया गया। पूरे एनसीआर में प्रदूषण का असर साफ तौर पर महसूस किया गया।

बीते दिनों के मुकाबले कोहरे में कुछ कमी आई है और विजिबिलिटी में सुधार हुआ है। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि यह सुधार अस्थायी हो सकता है।

See also  जंतर मंतर में धरना देने पीसीसी चीफ मोहन मरकाम दिल्ली हुए रवाना, बोले "हम डरने वाले नहीं"

आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार अगले एक सप्ताह में न्यूनतम तापमान 7 से 8 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जबकि अधिकतम तापमान 19 से 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। सुबह और रात के समय ठंड अधिक महसूस होगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण में आई यह गिरावट बहुत मामूली है और हालात अब भी चिंताजनक बने हुए हैं। जब तक हवा की गुणवत्ता लगातार संतोषजनक स्तर पर नहीं पहुंचती, तब तक लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। प्रदूषण और ठंड दोनों से बचाव के लिए सावधानी बरतना और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।