रायपुर। कलिंगा विश्वविद्यालय, रायपुर के शिक्षा संकाय द्वारा “From Chalkboard to Screen: Inspiring Digital Education” विषय पर अंतरराष्ट्रीय ई-कंटेंट प्रतियोगिता 2025 का सफल आयोजन 23 दिसंबर 2025 को ऑनलाइन माध्यम से किया गया। इस प्रतियोगिता का आयोजन केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (CIET), एनसीईआरटी, नई दिल्ली के शैक्षणिक सहयोग से किया गया, जिससे कार्यक्रम को राष्ट्रीय शैक्षणिक प्रासंगिकता प्राप्त हुई।


इस प्रतियोगिता का उद्देश्य डिजिटल शिक्षण नवाचार को बढ़ावा देना, आईसीटी के प्रभावी उपयोग को प्रोत्साहित करना, तथा शिक्षक प्रशिक्षुओं, शोधार्थियों एवं शिक्षकों में डिजिटल दक्षताओं का विकास करना था, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं संयुक्त राष्ट्र संघ के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के अनुरूप है।


इस प्रतियोगिता में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से 55 प्रतिभागियों का पंजीकरण हुआ। प्रतिभागियों द्वारा वीडियो लेसन, डिजिटल प्रस्तुतियाँ, इंटरएक्टिव मॉड्यूल एवं नवाचारी शिक्षण सामग्री प्रस्तुत की गई, जो उनकी रचनात्मकता एवं तकनीकी दक्षता को दर्शाती है।


प्रस्तुत ई-कंटेंट का मूल्यांकन डॉ. हर्षा पाटिल, प्रोफेसर, शिक्षा संकाय द्वारा विषयवस्तु की प्रासंगिकता, मौलिकता, शैक्षिक मूल्य, प्रस्तुति एवं तकनीकी प्रभावशीलता के आधार पर किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन एवं समन्वय डॉ. सरोज नायर, सहायक प्राध्यापक, शिक्षा संकाय द्वारा किया गया।

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परिणाम घोषणा समारोह प्रो. श्रद्धा वर्मा, अधिष्ठाता, शिक्षा संकाय द्वारा किया गया। सभी प्रतिभागियों को उनकी उत्कृष्ट भागीदारी के लिए ई-सर्टिफिकेट प्रदान किए गए, जिससे उनकी रचनात्मक और नवाचारी ई-कंटेंट निर्माण में भूमिका की सराहना की गई।


• प्रथम पुरस्कार डॉ. रीमा देवांगन, सहायक प्राध्यापक, सेंट थॉमस कॉलेज, भिलाई को उनके ई-कंटेंट “Legends and Personalities” के लिए प्रदान किया गया, जिसके अंतर्गत ₹3000 की पुरस्कार राशि दी गई।
• द्वितीय पुरस्कार श्री सूरज कुमार, शोधार्थी, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर को प्रदान किया गया, जिन्हें ₹2000 की पुरस्कार राशि दी गई।


CIET–NCERT के साथ शैक्षणिक सहयोग से प्रतियोगिता को अकादमिक मार्गदर्शन मिला तथा ई-कंटेंट निर्माण को राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचे एवं डिजिटल शिक्षा मानकों के अनुरूप दिशा प्राप्त हुई। कार्यक्रम का समापन सकारात्मक वातावरण में हुआ, जिसमें डिजिटल शिक्षा, नवाचार एवं तकनीक-आधारित शिक्षण के महत्व पर विशेष बल दिया गया। यह प्रतियोगिता शिक्षक प्रशिक्षण एवं डिजिटल दक्षता के क्षेत्र में नवाचार और पेशेवर विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण साबित हुई।

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